लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों को लगाई फटकार, सदन में अनुशासन पर जताई नाराज़गी

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों को लगाई फटकार, सदन में अनुशासन पर जताई नाराज़गी


Sneha Peter | Akhbaar Ekta

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ने सांसदों के आपस में बातचीत करने और शोर-शराबे पर कड़ी नाराज़गी जताई। प्रश्नकाल के दौरान जब कई सांसद अपनी सीटों पर बैठकर आपस में चर्चा कर रहे थे, तब लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि सदन देश के करोड़ों नागरिकों की आवाज़ है और यहां अनुशासन बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।ओम बिरला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संसदीय मर्यादा का पालन करना हर सांसद का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बार-बार टोके जाने के बावजूद यदि सदस्य गंभीरता नहीं दिखाते, तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए सही संकेत नहीं है। अध्यक्ष ने यह भी याद दिलाया कि प्रश्नकाल का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी दौरान जनता से जुड़े मुद्दे सरकार के सामने रखे जाते हैं।इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सांसद सदन में मौजूद थे। ओम बिरला ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि सभी सांसदों को समान रूप से नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए अनावश्यक बातचीत से बचें और चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लें।इस घटना के बाद सदन में कुछ देर के लिए शांति बनी रही और कार्यवाही सुचारू रूप से आगे बढ़ी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अध्यक्ष की यह सख्ती संसद की कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक जरूरी कदम है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: ओम बिरला ने सांसदों को क्यों फटकार लगाई?

उत्तर: सदन में आपस में बातचीत और शोर-शराबे के कारण कार्यवाही बाधित हो रही थी, इसी वजह से उन्होंने नाराज़गी जताई।

प्रश्न 2: यह घटना कब हुई?

उत्तर: यह घटना लोकसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल में हुई।

प्रश्न 3: क्या किसी विशेष दल को निशाना बनाया गया?

उत्तर: नहीं, लोकसभा अध्यक्ष ने किसी भी दल का नाम लिए बिना सभी सांसदों को अनुशासन में रहने की सलाह दी।