डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।
बलूचिस्तान में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बलूचिस्तान ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 के तहत कई जिलों में बड़े हमलों का दावा किया है। संगठन का कहना है कि इस अभियान में IED विस्फोटों और घात लगाकर किए गए हमलों से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बीएलए के अनुसार, 200 से अधिक सैनिक मारे गए और 17 को पकड़ा गया।
हालांकि, पाकिस्तानी प्रशासन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में 92 अलगाववादियों को मार गिराया। बीएलए ने भी अपने 18 लड़ाकों की मौत की पुष्टि की है, जिनमें एक महिला फिदायीन शामिल बताई गई है। सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि बलूचिस्तान ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 को लेकर दोनों पक्षों के आंकड़े अलग-अलग हैं, क्योंकि दुर्गम इलाकों में स्वतंत्र पुष्टि कठिन होती है।
बीएलए के मुताबिक, खारान, मस्तुंग और तटीय इलाकों में अभियान चलाया गया। संगठन ने यह भी कहा कि कुछ क्षेत्रों में अस्थायी नियंत्रण स्थापित किया गया। दूसरी ओर, सुरक्षा बलों का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं।
लगातार हिंसा से स्थानीय जनजीवन प्रभावित हुआ है। बाजारों और यातायात पर असर पड़ा है। विश्लेषकों का कहना है कि बलूचिस्तान ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 केवल सैन्य नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने की रणनीति भी हो सकता है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. बलूचिस्तान ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 क्या है?
यह बीएलए द्वारा चलाया गया एक कथित सैन्य अभियान है, जिसमें सुरक्षा बलों पर हमलों का दावा किया गया है।
Q2. इसमें IED हमलों की भूमिका क्या रही?
बीएलए के अनुसार, सड़कों और काफिलों को निशाना बनाने के लिए IED का इस्तेमाल हुआ।
Q3. क्या सरकारी आंकड़े अलग हैं?
हां, पाकिस्तान ने अलगाववादियों के मारे जाने की संख्या अधिक बताई है।

