- तारीख व स्थान: 23–24 मई 2025, जालंधर, पंजाब। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (VB) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक रमन अरोड़ा (54, जालंधर सेंट्रल) को भ्रष्टाचार व वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी की प्रक्रिया: आठ घंटे की पूछताछ और उनके घर में हुई तलाशी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। VB ने आरोप लगाया कि उन्होंने जिला निगम अधिकारी ATP सुखदेव वशिष्ठ की मदद से झूठे नोटिस भेज कर लोगों से अवैध वसूली की।
🔍 आरोप और सबूत
- आर्मबंध का तरीका: ATP वशिष्ठ द्वारा व्यावसायिक व आवासीय भवन स्वीकृतियों में देरी व नकली नोटिस जारी कर आवेदकों से रिश्वत प्राप्त की जाती थी, जिनमें अरोड़ा का सहयोग था।
- तलाशी में बरामद डिजिटल व वित्तीय सबूत:
- ₹6 लाख नकद
- 1.2 किलो सोने के गहने
- दस्तावेज़—जो कथित रूप से भ्रष्ट आस्थापनाओं से जुड़े थे
- विवाह सम्बन्ध: अरोड़ा के बेटे राजन अरोड़ा और उनके परिचित महेश मखिजा भी आरोपित हैं। राजन ने हाई कोर्ट में गिरफ्तारी टालने की याचिका दी, लेकिन मामला VH के रिमांड से जुड़ा
🏛️ कानूनी कार्यवाही
- 24 मई को रिमांड की अवधि:
- पहले पांच दिन पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की हिरासत में भेजा गया।
- बाद में चार दिन अतिरिक्त पूछताछ के लिए हिरासत बढ़ा दी गई।
🗣️ प्रशासन और AAP का रुख
- मुख्यमंत्री भगवंत मान:
- कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सरकार शून्य सहिष्णुता दिखाएगी, चाहे आरोपी किसी भी दल का हो।
- AAP की प्रतिक्रिया:
- पार्टी ने कार्रवाई का समर्थन किया, ऐलान किया कि यह दिखाता है कि “कानून से कोई बड़ा नहीं” और स्वच्छ राजनीति का वादा सच्चा है।
🎯 राजनीतिक एवं सामाजिक प्रभाव
- AAP के लिए संकट:
- दूसरी पार्टी के निर्वाचित विधायक की गिरफ्तारी ने AAP की “स्वच्छ राजनीति” की छवि को चोट पहुँचाई।
- यह सुधारों को लेकर कट्टर अभियान और विवादों के बीच तनाव का नया क्षण है।
- जनता की धारणा:
- इंजीनियर्स व बिल्डिंग डिजाइनर्स यूनियन को शिकायत दर्ज कराई; जनता की सहनशीलता व जवाबदेही पर चर्चा तेज हुई।
- स्थानीय स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार व सियासी कथाबाज़ी की बहस मंच पर है।
✅ निष्कर्ष
AAP विधायक रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की भ्रष्टाचार के खिलाफ सक्त कार्रवाई को दर्शाती है—यह वीबी, सरकार और विपक्ष के बीच कानून के शासन, जवाबदेही और राजनीतिक रणनीतियों के मिश्रण का आंदोलन बन गया है।

