शिमला- संक्रमित सुई से सामूहिक नशा करने से राज्य में एड्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं जो अब चिंता का विषय बन गए हैं। राज्य एड्स नियंत्रण समिति की मासिक बैठक में कल परियोजना निदेशक राजीव कुमार ने एडस नियंत्रण पर कार्य कर रहे गैर-सरकारी संगठनों को इंजेक्शन से ड्रग का इस्तेमाल करने वालों को मनोविज्ञान विभाग में रेफर करने के निर्देश दिए हैं।
राजीव कुमार ने कहा कि ऐसे नशा करने वालों का इलाज मनोविज्ञान विभाग में करना एक सकारात्मक कदम हो सकता है जिससे इनकी सोच में सकारात्मक बदलाव आएगा और नशे की लत को छोड़ने में काउंसलिंग और थैरेपी मददगार साबित होगी।

