📅 घटना का समय और स्थान
रविवार (12 मई) देर रात, अमृतसर के मजीठा विधानसभा क्षेत्र के भंगाली, पातालपुरी, मरारी कलां, थेरेवाल और तालवंडी घुमान जैसे पांच गांवों में जहरीली शराब पीने से कम से कम 14–21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3–6 लोग गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हैं ।
🧪 मकैनिक और रसायन
पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि नकली शराब में मेथेनॉल का इस्तेमाल किया गया था — ऑनलाइन 600 किग्रा तक मेथेनॉल की खेप मंगवाई गई थी ।
👥 मृत्यु और घायल संख्या
- NDTV और Cobrapost जैसी रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 14 मौतें और छह घायलों की जानकारी सामने आई ।
- Aaj Tak और Amar Ujala ने 17–21 तक मौतों की पुष्टि की है ।
👮♂️ कार्रवाई और गिरफ्तारी
- पुलिस ने 6–10 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें मुख्य सप्लायर प्रभजीत सिंह, गुरजंत सिंह, साहिब सिंह, कुलबीर सिंह, निंदर कौर सहित आठ से दस अभियुक्त शामिल हैं ।
- दिल्ली से मेथेनॉल सप्लाई करने वाले रैकेट को भी निशाना बनाया गया; साथ ही दोषी अधिकारियों (DSP, SHO, Excise) को निलंबित कर दिया गया ।
🧑⚕️ प्रशासनिक और सरकारी प्रतिक्रिया
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हादसे को ‘हत्या’ करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की और दोषियों को निर्दलीय रूप से सजा देने का वादा किया ।
- प्रत्येक मृतक परिवार को ₹10 लाख का मुआवजा देने और मृतकों के बच्चों की शिक्षा व अन्य सहायता सुनिश्चित करने की घोषणा की गई ।
- जिला प्रशासन ने मेडिकल टीमों को घर-घर भेजा और प्रभावित लोगों का तुरंत इलाज शुरू कराया ।
🏥 सामाजिक और स्वास्थ्य पहलू
- पीड़ितों में ज्यादातर मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग शामिल थे ।
- नकली शराब की आसान उपलब्धता और सस्ती कीमत (₹10–₹30 प्रति पाउच) ने इस त्रासदी को निमंत्रण जैसा बना दिया ।
- यह घटना उजागर करती है पंजाब में देसी/जहरीली शराब के अवैध व्यापार और सामाजिक असुरक्षा के खतरनाक कारणों को ।
🔍 निष्कर्ष
- एक सुनियोजित जहरीली शराब रैकेट ने मेथेनॉल का इस्तेमाल कर घातक शराब बनाई।
- 14–21 लोगों की जान गई, घायल मरीजों की संख्या कई दर्जन थी।
- आरोपियों की गिरफ्तारी और अधिकारियों की सज़ा से पुलिस और प्रशासन ने कड़ा संदेश भेजा।
- मुख्यमंत्री ने अपराध को ‘हत्या’ कहा और मुआवजा, सहायता योजनाओं की घोषणा की।
- यह प्रदर्शित करता है कि अवैध शराब के पीछे आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक कारण हैं, और इससे निपटने के लिए तत्काल सूबे में सुधारात्मक कदम चाहिए।

