बांग्लादेश ने पाकिस्तान से 1971 नरसंहार पर औपचारिक माफी एवं 4.52 अरब डॉलर की क्षतिपूर्ति की मांग की

बांग्लादेश ने पाकिस्तान से 1971 नरसंहार पर औपचारिक माफी एवं 4.52 अरब डॉलर की क्षतिपूर्ति की मांग की


15 वर्षों के बाद दोनों देशों के विदेश सचिव स्तर पर हुई पहली वार्ता में, बांग्लादेश ने पाकिस्तान से 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान हुए नरसंहार के लिए सार्वजनिक माफी की मांग की है। साथ ही, अविभाजित पाकिस्तान की पूर्व संपत्तियों में अपने हिस्से (लगभग 4.52 अरब डॉलर) की वापसी और उन पर्यटकों और फंसे पाकिस्तानी नागरिकों की पुनर्वास योजना का मुद्दा उठाया गया ।

🏛️ पृष्ठभूमि और मांगें

  • ढाका में आयोजित विदेश सचिव स्तरीय वार्ता (बाहरी स्तर पर 2010 के बाद पहली) में बांग्लादेश के विदेश सचिव एम॰ जशीम उद्दीन ने स्पष्ट कहा कि 1971 के अत्याचारों पर पाकिस्तान की माफी और उस समय के संयुक्त संपत्ति एवं फंड संबंधी मुद्दे अहम हैं ।
  • उन्होंने मुआवजे में तीन मुख्य क्षेत्रों का उल्लेख किया:
    1. 4.52 अरब डॉलर – संयुक्त पाकिस्तान की संपत्तियों, भविष्य निधि, बचत योजनाओं और 1970 के चक्रवात राहत राशि का हिस्सा ।
      1. विरोधाभासी रूप से फंसे पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी की व्यवस्था – अंदाजन >300,000 लो

      1. 1971 के नरसंहार की सार्वजनिक माफी, विशेष रूप से “ऑपरेशन सर्चलाइट” द्वारा बांग्लादेश में हिंदू एवं बंगाली नागरिकों पर रोजगार व धार्मिक आधार पर अत्याचार के लि

🤝 पाकिस्तान का रुख़

  • पाक विदेश कार्यालय ने संवाद को सकारात्मक बताया और स्वीकार किया कि “कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे” उठाए गए, लेकिन इन चर्चाओं को “संवेदी या सनसनीखेज़” समाचारों द्वारा प्रभावित करने से मना किया ।
  • पाकिस्तानी विदेश सचिव अमना बलोच ने ढाका में कहा कि दोनों पक्ष “सम्मान और परस्पर समझ” के वातावरण में इन मसलों को आगे बढ़ाएंगे, हालांकि उन्होंने माफी की मांग पर सीधे कदम उठाने की बात नहीं की ।

🌐 द्विपक्षीय रिश्तों पर असर

  • यह वार्ता ढाका और इस्लामाबाद के बीच 15 वर्षों में होने वाली पहली विदेश सचिव स्तरीय बैठक थी; इससे पहले ऐसा संवाद 2010 में हुआ था।
  • बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रधान सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में चल रही यह पहल पाकिस्तान के साथ संबंधों को नए सिरे से स्थिर करने की दिशा है ।
  • दोनों देशों ने आर्थिक – व्यापार सहयोग, कृषि, वीज़ा सुविधाएँ, और उड़ानें पुनः शुरू करने जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर भी चर्चा करने की सहमति जताई ।