नकली NCERT किताबों का बड़ा नेटवर्क गिरफ्तार: 5‑लाख प्रतियां, ₹20 करोड़ से ज़्यादा स्टॉक जब्त

नकली NCERT किताबों का बड़ा नेटवर्क गिरफ्तार: 5‑लाख प्रतियां, ₹20 करोड़ से ज़्यादा स्टॉक जब्त


🕵️ कोड तोड़ने वाली कार्रवाई

पिछले 14 महीनों में NCERT और उत्तर प्रदेश पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में लगभग 5‑लाख नकली NCERT पाठ्य-पुस्तकें जब्त की गईं, साथ ही ₹20 करोड़ से अधिक की मशीनरी और कच्चा सामग्री बरामद हुआ। इस पूरे नेटवर्क पर 29 FIRs दर्ज की गईं, जिसमें प्रिंटिंग प्रेस, गोदाम और वितरण चैनल शामिल हैं।

मुख्य कार्रवाई मु़ज़फ्फरनगर (UP) में हुई, जहां एक गोदाम से 1.5 लाख नकली किताबें (~₹2 करोड़ की मूल्यवत्ता) बरामद की गईं और इस मामले में 8 व्यक्ति गिरफ्तार किए गए। वहीं हरियाणा के समालखा में एक प्रेस पर छापा मारा गया, जहाँ नकली किताबें, प्रिंटिंग प्लेटें और उपकरण मिले।


⚖️ कानूनी पहल और राहत कदम

इन कार्रवाइयों में शामिल लोगों पर कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई। NCERT सरकार के साथ मिलकर इस गोरखधंधे से जुड़े मास्टरमाइंड और सप्लाई चेन को उजागर करने के लिए गहरी जांच कर रही है।

NCERT और शिक्षा मंत्रालय ने इस समस्या से निपटने के लिए कई सुधारात्मक उपाय भी अपनाए हैं:

  • NCERT किताबों की कीमत में 20% की कटौती और गुणवत्ता में सुधार
  • आधुनिक मशीनों से बेहतर कागज़ और प्रिंटिंग
  • ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म्स पर किताबों की उपलब्धता—MRP पर और नि:शुल्क डिलीवरी से
  • IIT कानपुर द्वारा विकसित टेक-आधारित एंटी-पाइरेसी टेक्नोलॉजी का पायलट संचालन (ग्रेड 6 की एक किताब की 10 लाख प्रतियों पर परीक्षण)
    इन पहलों से नकली किताबों की पहुँच कम करने और छात्रों तक वास्तविक सामग्री पहुँचाने में मदद मिल रही है।

✅ प्रभाव और आगे का रास्ता

  • ✅ लगभग 5‑लाख नकली किताबें जब्त की गई हैं
  • ₹20 करोड़+ का स्टॉक, जिसमें किताबें, पेपर, मशीनरी शामिल हैं, जब्त किया गया
  • 29 FIRs दर्ज की गई, 8 गिरफ्तारी हुई
  • किसानों/विद्यार्थियों/पुस्तक विक्रेताओं को जागरूक करने की दिशा में जागरूकता अभियान
  • टेक्नोलॉजी आधारित पहचान प्रणाली लागू करने की तैयारी

📌 निष्कर्ष

यह कार्रवाई संकेत देती है कि NCERT और राज्य पुलिस मिलकर नकली पुस्तक गिरोह से निपटने में सक्रिय हैं। लगभग 5‑लाख नकली NCERT पुस्तकें, भारी मात्रा में मशीनरी और सामग्री ₹20 करोड़ से अधिक मूल्य में जब्त की गई। साथ ही एंटी-पाइरेसी टेक्नोलॉजी, मूल्य कटौती, और ई-कॉमर्स वितरण जैसी नीतियों से शिक्षा सामग्री की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा रही है।