दिल्ली में बीजेपी का भव्य कब्जा: राजा इकबाल सिंह बने MCD मेयर, कांग्रेस को सिर्फ 8 वोट

दिल्ली में बीजेपी का भव्य कब्जा: राजा इकबाल सिंह बने MCD मेयर, कांग्रेस को सिर्फ 8 वोट


25 अप्रैल को दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर पद को लेकर हुए ताज़ा चुनाव में भाजपा पार्षद राजा इकबाल सिंह ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने 142 वोटों में से 133 वोटों हासिल करके मेयर का पद संभाला, जबकि विपक्षी कांग्रेस के उम्मीदवार मंदीप सिंह को केवल 8 वोट मिले। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने बहिष्कार की घोषणा की थी ।


🗳️ चुनाव की प्रमुख बातें:

  • कुल वोट: 142 (238 पार्षदों, 10 सांसदों, 14 विधायकों में से मतदान हुआ, जिसमें एक वोट रद्द घोषित हुआ) ।
  • AAP का बहिष्कार: AAP ने मतदान से दूरी बना ली ताकि चुनाव को ‘निष्पक्ष’ सिद्ध किया जा सके ।
  • डिप्टी मेयर: जय भगवान यादव (BJP) निर्विरोध चुने गए, क्योंकि कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस ले लिया ।

👤 राजा इकबाल सिंह कौन हैं?

  • वर्तमान में एमसीडी में विपक्ष के नेता हैं, पहले वे नार्थ MCD के मेयर (2021–22) भी रह चुके हैं ।
  • शिक्षा: SGTB खालसा कॉलेज, दिल्ली से BSc और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ से LLB प्राप्त ।
  • उन्होंने मतदाताओं से वादा किया है कि अब भ्रष्टाचार खत्म होगा और लम्बित विकास कार्यों पर तेजी से काम किया जाएगा ।

🏛️ भाजपा की वापसी और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य:

  • दो साल बाद MCD में BJP का पुनः कब्जा हुआ है; AAP की धीमी स्थिति और कांग्रेस की उल्लेखनीय गिरावट इस बदलाव का प्रमुख कारण है ।
  • BJP की स्थिति मजबूत: 2022 की तुलना में पार्षद संख्या 104 से बढ़कर 117 तक पहुंची, साथ ही कुछ विधायक और सांसद शामिल होने के कारण उनकी विजय सुनिश्चित हुई ।
  • AAP ने आरोप लगाया कि भाजपा ने ‘प्रलोभन और धमकियों’ के जरिए पार्षदों को उकसाया ।

🎯 अगले प्राथमिक कार्य:

  • मेयर सिंह ने स्वच्छता, लाइसेंसिंग व्यवस्था, भ्रष्टाचार उन्मूलन, जर्जर भवनों का खात्मा और स्थानीय विकास कार्यों को पूर्ण करने पर जोर दिया है ।
  • हाल ही में जारी किए गए लगभग ₹820 करोड़ विकास फंड का उपयोग स्कूल, स्वास्थ्य, कचरा प्रबंधन और आधारिक सुविधाओं में किया जाएगा ।

✅ निष्कर्ष:

राजा इकबाल सिंह की विजय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली Municipal Corporation में भाजपा की फिर से सत्ता वापसी हो गई है। AAP के बहिष्कार और कांग्रेस की कमजोरी के बीच BJP अब दिल्ली की नागरिक राजनीति में अपने एजेंडे को मजबूत रूप से लागू करने की राह पर है। आगे यह देखना होगा कि यह नई नेतृत्व व्यवस्था दिल्लीवासियों को कितना असरदार और सकारात्मक बदलाव देती है।