- यह अभियान 7 मई 2025 को भारत द्वारा शुरू किया गया था, ताकि पाहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल 2025) के जवाब में पाकिस्तान में आतंकी ढांचों को निशाना बनाया जा सके।
- ऑपरेशन की तैयारी के दौरान, पाकिस्तान द्वारा जम्मू सेक्टर में असंगठित फायरिंग की गई, जिसके बदले में BSF ने मजबूत प्रतिक्रिया दी।
🔹 प्रमुख कार्रवाई और क्षति
- BSF के जम्मू फ्रंटियर के IG शशांक आनंद ने बताया कि 8–10 मई की रात में पाकिस्तान के लगभग 70 बॉर्डर पोस्ट्स को नष्ट किया गया, साथ ही 3 प्रमुख आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स भी ध्वस्त किए गए: लोनी (Sialkot के पास Akhnoor), मास्टरपुर (RS Pura सेक्टर), और चब्बरा ।
- एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, BSF ने 76 पाक पोस्ट्स एवं 42 Forward Defence Locations (FDLs) पर निशाना साधा, और तीन लॉन्च पैड्स को निशान बनाया गया ।
- इन हमलों के परिणामस्वरूप पाकिस्तानी रेंजर्स और आतंकवादियों को भारी नुकसान हुआ। भारत की तैयारी ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया ।
👥 सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
- IG आनंद ने बताया कि पाकिस्तान की Rangers द्वारा अचानक हुई गोलीबारी के जवाब में BSF ने ठोस जवाब दिया, जिसमें ड्रोन हमला समर्थन भी शामिल था ।
- Assistant Commandant Neha Bhandari सहित BSF की महिला जवानों की साहसिक भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने अन्य बैटलफील्ड हॉरल चलने की स्थिति में भी मोर्चा संभाले रखा।
🛡️ रणनीतिक और तकनीकी पहलें
- BSF की उन्नत निगरानी प्रणाली ने संभावित घुसपैठ की योजना कर रहे 40‑50 आतंकवादियों की पहचान की, जिसके बाद लक्षित कार्रवाई की गई ।
- राजस्थान फ्रंटियर IG ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और चीनी निर्मित मिसाइलों की 413 हमले की योजना थी, लेकिन सभी को भारत की प्रभावी एयर डिफेंस प्रणाली ने विफल कर दिया: कोई भारतीय नागरिक या जवान हताहत नहीं हुआ ।
🏅 स्मरणीय सम्मान और आगे की तैयारी
- BSF ने वीर जवानों SI Mohammad Imtiyaz और Constable Deepak Kumar के सम्मान में दो पोस्टों का नामकरण प्रस्ताव भेजने की घोषणा की, तथा एक पोस्ट को “Sindoor Post” नाम देने की योजना पर काम चल रहा है ।
- ऑपरेशन के बाद BSF ने ड्रोन सुरक्षा कवच (UAV स्क्वाड्रन) बनाने और नई तकनीकी प्रणालियों के संयोजन को मजबूत करने की पहल शुरू की है ।
📊 सारांश तालिका
| विषय | विवरण |
|---|---|
| ऑपरेशन अवधि | 8–10 मई 2025 |
| पाक पोस्ट और FDLs | 70‑76 पोस्ट, 42 FDLs नष्ट किए गए |
| लॉन्च पैड्स | लोनी, मास्टरपुर, चब्बरा कुल 3 लॉन्च पैड्स |
| घुसपैठ प्रयास | लगभग 40‑50 आतंकवादियों के प्रयास को विफल |
| विफल ड्रोन हमले | 413 पाकिस्तानी ड्रोन ड्राफ्ट → सभी विफल |
| वीर जवान सम्मान | पोस्ट नामकरण प्रस्ताव: “Sindoor”, इम्तियाज, दीपक |
✅ निष्कर्ष
ऑपरेशन सिंदूर भारत की सुरक्षा रणनीति का निर्णायक उदाहरण रहा, जिसमें सीमा पार आतंकी गतिविधियों को प्रभावी तरीके से विफल किया गया। BSF ने सीमा पर सतर्कता बनाए रखी और पाकिस्तान की साजिशों को पहले से नाकाम किया। इस अभियान ने भारत की संयुक्त रक्षा सजगता और तकनीकी क्षमताओं को जनता के सामने प्रस्तुत किया।

