केंद्रीय बजट के बाद शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के बाद सोमवार को Budget ke baad stock market में शुरुआती तेजी देखने को मिली। निवेशकों ने गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देखा। इसका असर यह रहा कि शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में लौट आए।
सुबह के सत्र में बीएसई सेंसेक्स करीब 300 अंकों की बढ़त के साथ 81,000 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 24,880 के आसपास मजबूत दिखा। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से ब्लू-चिप शेयरों में वैल्यू-बाइंग के कारण आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक और पावर ग्रिड जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
विशेषज्ञों के मुताबिक बजट में मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और पर्यटन पर दिया गया जोर लंबी अवधि में बाजार के लिए सकारात्मक संकेत देता है। हालांकि, डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाने से शॉर्ट टर्म में दबाव बना था, लेकिन उसका असर धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है।
Budget ke baad stock market में यह शुरुआती मजबूती बताती है कि निवेशक अब बजट के दीर्घकालिक प्रभावों पर फोकस कर रहे हैं। घरेलू निवेशकों की भागीदारी ने विदेशी बिकवाली के असर को भी काफी हद तक संतुलित किया है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और कॉर्पोरेट नतीजों पर निर्भर करेगी|
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. Budget ke baad stock market में तेजी क्यों आई?
गिरावट के बाद निवेशकों ने मजबूत कंपनियों में वैल्यू-बाइंग की, जिससे बाजार संभला।
Q2. क्या यह तेजी लंबे समय तक टिकेगी?
लंबी अवधि में बजट के विकासोन्मुख कदम बाजार को सहारा दे सकते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव है।
Q3. किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर दिखा?
इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सकारात्मक रुख दिखा।

