दिल्ली: वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली: वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई


वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया के साथ-साथ रेलवे ट्रैक के पास बने कई अवैध झुग्गियों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए नगर प्रशासन एवं राज्य सरकार ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। इस अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा और सिग्नल दृश्यता सुनिश्चित करने हेतु बुलडोजर एवं पुलिस बल तैनात किया गया था।


🚧 कार्रवाई का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

  • रेलवे ट्रैक के आसपास बने अतिक्रमणों से लोको पायलटों को सिग्नल नहीं दिख रहे थे, जिससे ट्रेन ऑपरेशनों में सुरक्षा खतरा बढ़ गया। यातायात और जन सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया था। प्रशासन ने बताया कि पटरी किनारे करीब 180 से अधिक झुग्गियाँ ध्वस्त की गई।
  • यह अगले दिन मद्रासी कैंप (जंगपुरा) में चल रही कार्रवाई का हिस्सा था, जिसमें एक दिन पहले ही 800 झुग्गियों को हटाया गया था।

👮 सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी

  • कार्रवाई क्षेत्र में भारी पुलिस तैनाती की गई: दो कंपनियाँ अर्धसैनिक बलों की सहायता के साथ साथ स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही, ताकि कानून-व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित न हो।
  • DDA, PWD, MCD और बिजली विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई में भाग लिया, जैसा कि मद्रासी कैंप में हुआ था।

👥 displaced families और राजनीतिक प्रतिक्रिया

  • AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की, उन्होंने कहा: “आज बीजेपी की सरकार वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में बुलडोजर से गरीबों की छत उजाड़ने पहुंची है। कल मद्रासी कैंप में करीब 800 झुग्गियाँ उजाड़ दी गईं।”
  • उन्होंने आरोप लगाया कि यह सभी कार्रवाई बिना पुनर्वास इंतजाम के, गरीब परिवारों को बेघर करने वाली अमानवीय पहलू है।

⚖️ कानूनी व्यवस्था और उच्च न्यायालय के आदेश

  • दिल्ली उच्च न्यायालय ने मानसून से पहले नालों एवं रेलवे लाइनों के आस-पास के अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, ताकि भविष्य में बाढ़ और जलभराव की स्थितियों से बचा जा सके।
  • इससे पहले इसी आदेश के आधार पर मद्रासी कैंप, भूमिहीन कैंप और अशोक विहार सहित कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलते रहे थे।

📊 वर्तमान स्थिति और अवलोकन

  • यह कार्रवाई एक व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो दिल्ली में सार्वजनिक भूमि पुनः प्राप्त करने और शहरी नियोजन आवश्यकताओं को कड़ाई से लागू करने के प्रयासों के अंतर्गत हो रही है।
  • हालाँकि अधिकारियों का दावा है कि यह कदम प्रशासनिक आवश्यकताओं के चलते उठाया गया, प्रभावित परिवारों में पुनर्वास की चिंता, स्थायी रोजगार का नुकसान, और आवासीय अस्थिरता जैसी चुनौतियाँ बढ़ गई हैं।

🧭 निष्कर्ष

वजीरपुर और आसपास इलाकों में जारी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुरक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण थी, लेकिन इससे प्रभावित गरीब परिवारों की सामाजिक व आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा। AAP जैसे विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को मानवता विरोधी और बिना पुनर्वास योजनाओं का पालन किए हुए बताया है।