शुक्रवार रात दिल्ली-एनसीआर भूकंप के झटकों ने लोगों को चौंका दिया। अचानक धरती हिलने से लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 दर्ज की गई, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था।
इस दिल्ली-एनसीआर भूकंप का असर पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर तक देखा गया। कई जगहों पर पंखे और झूमर हिलते नजर आए। हालांकि भारत में अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अफगानिस्तान में इस भूकंप का ज्यादा असर देखा गया, जहां एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। वहीं भारत में लोग सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने लोगों को सतर्क रहने का संदेश जरूर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, टेक्टोनिक प्लेट्स के टकराने से ऐसी घटनाएं होती हैं। इसलिए भविष्य में भी दिल्ली-एनसीआर भूकंप जैसे झटके महसूस हो सकते हैं। ऐसे में जागरूक रहना जरूरी है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. दिल्ली-एनसीआर भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
A. इस भूकंप की तीव्रता 5.9 दर्ज की गई थी।
Q2. भूकंप का केंद्र कहां था?
A. इसका केंद्र अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र था।
Q3. क्या भारत में कोई नुकसान हुआ?
A. फिलहाल भारत में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
Q4. भूकंप क्यों आता है?
A. टेक्टोनिक प्लेट्स के टकराने से ऊर्जा निकलती है, जिससे भूकंप आता है।

