गुरुग्राम में शुरू हुआ GI‑PKL का पहला चरण: पुरुष व महिला टीमों ने दिखाई ताकत

गुरुग्राम में शुरू हुआ GI‑PKL का पहला चरण: पुरुष व महिला टीमों ने दिखाई ताकत


हरियाणा के गुरुग्राम विश्वविद्यालय में Global Indian Pravasi Kabaddi League (GI‑PKL) का पहला चरण 18 अप्रैल से 27 अप्रैल तक आयोजित किया गया। यह कबड्डी लीग पहले ही दिन से दर्शकों को रोमांच में डालने में कामयाब रही, जिसमें छह पुरुष और छह महिला फ्रेंचाइजी ने भाग लिया ।


🏟️ उद्घाटन समारोह

  • यह महोत्सव हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम द्वारा औपचारिक रूप से शुरू किया गया।
  • HIPSA की अध्यक्ष कांति डी. सुरेश ने इसे “खेल की नई सोच और अंतरराष्ट्रीय पहचान” वाला कदम बताते हुए GI‑PKL की वैश्विक महत्वाकांक्षा पर ज़ोर दिया ।

👥 टीमों की संरचना

पुरुष टीमें:

  • Marathi Vultures
  • Bhojpuri Leopards
  • Telugu Panthers
  • Tamil Lions
  • Punjabi Tigers
  • Haryanvi Sharks

महिला टीमें:

  • Marathi Falcons
  • Bhojpuri Leopardess
  • Telugu Cheetahs
  • Tamil Lioness
  • Punjabi Tigress
  • Haryanvi Eagles

यह समान फ्रेंचाइजी मॉडल लिंग समानता पर जोर देता है और लीग को और समावेशी बनाता है।


🗓️ मैच प्रारूप और संचालन

  • पहले दिन पुरुषों में तीन उच्चावधि मैच खेलकर टोन सेट की गई।
  • अन्य दिन महिलाओं ने भी बढ़िया प्रदर्शन किया—TELUGU Cheetahs ने Marathi Falcons (42–28), Punjabi Tigress ने Bhojpuri Leopardess (41–21), और Tamil Lioness ने Haryanvi Eagles (44–18) को मात दी ।
  • लीग चरण 27 अप्रैल तक चला, जिसके बाद सेमीफ़ाइनल्स पुरुषों के लिए 28 तारीख और महिलाओं के लिए 29 अप्रैल को आयोजित किए गए।

🌍 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा व ग्लोबल पहुँच

  • लीग में विदेशी खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया—मिसाल के रूप में यूरोप, अफ्रीका और एशिया जैसे देशों से खिलाड़ी शामिल ।
  • Times Square, न्यूयॉर्क में एक डिजिटल प्रचार अभियान भी चला, जिससे कबड्डी को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला ।

🏆 भविष्य की योजनाएँ

  • HIPSA ने दूसरी सीज़न को फ्रेंचाइज़ी रूप में स्थापित करने की योजना बनाई है—जिससे दीर्घकालीन विकास व फैन इंटरैक्शन बेहतर होगा ।

✅ निष्कर्ष

GI‑PKL का पहला चरण कबड्डी में क्रांति लेकर आया है—आज इसने सिर्फ टूर्नामेंट नहीं बल्कि एक संस्कृतिक आंदोलन का आरंभ किया है। लिंग-समता, अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और डिजिटल मौजूदगी से यह लीग भारत की पारंपरिक खेल विरासत को न्यू एज तक ले जाने का प्रतीक बन गई है।