हरियाणा पुलिस ने 6 गिरफ्तार किए, यूट्यूबर पर आरोप: पाकिस्तान को दी संवेदनशील जानकारी

हरियाणा पुलिस ने 6 गिरफ्तार किए, यूट्यूबर पर आरोप: पाकिस्तान को दी संवेदनशील जानकारी


हरियाणा पुलिस ने “ट्रैवल विद जो” नाम से लोकप्रिय YouTube चैनल चलाने वाली ज्योति मल्होत्रा समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) को मुहैया कराई।


👤 मुख्य आरोपित: ज्योति मल्होत्रा

  • चैनल: “Travel with Jo” – 3.77 लाख यूट्यूब सब्सक्राइबर ।
  • गिरफ्तारी: हिसार में उनके घर से गिरफ्तार किया गया।
  • स्व यात्रा: 2023 में दो बार पाकिस्तान की यात्रा की; वे वहां पाक उच्चायोग के कर्मचारी “इहसान-उर-रहीम (दानिश)” से मिलीं, जिन्हें 13 मई को persona non grata घोषित कर भारत से निकाला गया ।
  • संपर्क नेटवर्क: व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और स्नैपचैट पर ISI अभियुक्तों से चर्चा करती रहीं; कई बार संपर्क छुपाने हेतु उल्लिखित नंबरों को गलत नामों से रखा गया ।
  • संवैधानिक आरोप:
    • Official Secrets Act, 1923 §§ 3, 5
    • भारतीय न्याय संहिता § 152 ।

👥 अन्य गिरफ्तार

  • देविंदर सिंह ढिल्लों (कैथल, हरियाणा): मास्टर डिग्री छात्र। कथित था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान काशीबा कैंट का वीडियो और फोटो भेजे ।
  • अर्मान (नूह, हरियाणा): भारतीय सेना के पूरे विवरण और बीस आधार कार्ड भेजाने का आरोप ।
  • गुज़ाला तथा यमीन मोहम्मद (मलेरकोटला, पंजाब): पाक उच्चायोग वाले एजेंट से संपर्क, ₹ 30,000 तक संवेदनशील जानकारियाँ भेजी ।
  • नौमन इलाही (पानीपत, यूपी): फैक्ट्री गार्ड, पाक एजेंटों को जानकारी भेजने का आरोप ।

🔍 जासूसी का जाल और जांच

  • अधिकारियों ने इसे एक “व्यापक जासूसी नेटवर्क” का हिस्सा बताया जो हरियाणा एवं पंजाब तक फैला है ।
  • ज्योति की तलाश मज़बूत डेटा फॉरेंसिक तकनीक और सोशल मीडिया विश्लेषण से की गई ।
  • प्रारंभिक पूछताछ में ज्योति ने ISI अभियुक्तों से संपर्क स्वीकार किया, हालांकि पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर पायी है कि उन्होंने सीधी सैन्य गुप्त जानकारी दी या नहीं ।
  • मामला अब हरियाणा पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा और अन्य राज्य पुलिस एजेंसियों से साझा किया गया है, जांच जारी है ।

⚠️ राष्ट्रीय सुरक्षा गम्भीर मुद्दा

  • यह गिरफ्तारी 7 मई से ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाक तनाव की पृष्ठभूमि में हुई जिसमें सेना की गति और रणनीति पर भी निकटता से नजर रखी जा रही थी ।
  • नतीजा––यूट्यूबरों और ट्रैवल इंफ्लुएंसर्स की गतिविधियों को प्रशासनिक जांच के दायरे में लाया गया, अन्य प्रदेशों में भी ऐसे “कलंकित संपर्कों” की जांच शुरू हुई है ।

📌 निष्कर्ष

यह मामला दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया और यात्रा कंटेंट को खुफिया एजेंसियों द्वारा रणनीतिक रूप से उपयोग किया जा सकता है। सरकार अब ज्यादा सतर्कता और डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। ऐसी गिरफ्तारी यह संदेश देती है कि डिजिटल युग में राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां जमीनी स्तर से कहीं अधिक जटिल हो चुकी हैं।