🚨 घटना का पूरा विवरण
- कब और कहाँ हुई गिरफ्तारी
हिसार पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को 15 मई 2025 को गिरफ्तार किया; इसकी जानकारी मीडिया को 17 मई को मिली । - आरोप
उन पर आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI/PIA के संपर्क में थीं और यहां से संवेदनशील जानकारी साझा कर रही थीं । - पुलिस रिमांड
उन्हें पाँच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिसमें गहन पूछताछ जारी है ।
📌 जांच में सामने आए अहम तथ्य
- यात्रा और संपर्क
- 2023 में वीजा लेकर पाकिस्तान गईं, वहां पाकिस्तान हाई कमीशन व ISI अधिकारियों से संपर्क हुआ ।
- “शाकिर” नामक पाकिस्तानी एजेंट का नंबर उन्होंने अपने फोन में “जट रंधावा” नाम से सेव किया ।
- संदिग्ध डिजिटल गतिविधियाँ
- व्हाट्सएप, स्नैपचैट, टेलीग्राम ऐप्स के जरिए उन्होंने पारगमन और सैन्य ठिकानों की जानकारी साझा की ।
- डायरी में छुपे राज
- पुलिस ने डायरी में पाकिस्तान यात्राओं के महत्वपूर्ण विवरण पाए, जिससे सवाल पैदा हुए कि पुलिस ने डायरी को पहले क्यों नहीं जब्त किया ।
- नेटवर्क का बड़ा खुलासा
- ज्योति के अलावा हिसार–पानीपत–कैथल–नूंह से कम से कम 8 अन्य संदिग्ध गिरफ्तार हुए, जिनके बीच पाक एजेंट “दानिश” का जिक्र आया ।
- 34 और गिरफ्तार हुए विदेशी
- ज्योति की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा में अब तक 28 बांग्लादेशी नागरिकों समेत कई अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है, जिससे बड़े नेटवर्क का अंदेशा बढ़ा है ।
👪 परिवार की प्रतिक्रिया
- पिता का बयान
- ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा ने दोहराया कि उनकी बेटी मासूम है और सिर्फ वीसा तथा वीजिट के लिए पाकिस्तान गई थी; उनका घर कभी संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र नहीं था।
⚠️ संदिग्ध सुरक्षा खामियां
- राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा
- पुलिस का मानना है कि यह मामला “ऑपरेशन सिंदूर” जैसी योजनाओं का हिस्सा है, जिसमें ISI ने साधारण नागरिकों को एजेंट बनाया ।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग
- ज्योति ने सोशल मीडिया और खास ऐप्स का इस्तेमाल पाकिस्तान की छवि सुधारने और एजेंटों से सम्पर्क हेतु किया ।
📝 निष्कर्ष
हरियाणा की ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा पर पाकिस्तान के लिए जासूसी का गंभीर आरोप है। जांच में उसके पाकिस्तान यात्रा, डिजिटल संपर्क और बड़े नेटवर्क की जासूसी-गतिविधियाँ सामने आई हैं। फिलहाल पाँच दिन की रिमांड में गहन पूछताछ जारी है और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरे नेटवर्क की तह तक जांच रही हैं।

