इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने यमन के होदेइदाह बंदरगाह पर संयुक्त हवाई हमले किए। यह हमला 4 मई को हौथी विद्रोहियों द्वारा इजरायल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले के जवाब में किया गया। इस हमले में चार लोग घायल हो गए थे और हवाई यातायात अस्थायी रूप से बाधित हो गया था।
हमले का विवरण:
इजरायल की वायुसेना ने लगभग 20 लड़ाकू विमानों का उपयोग करते हुए होदेइदाह बंदरगाह और बजील क्षेत्र में स्थित एक सीमेंट फैक्ट्री पर 50 से अधिक बम गिराए। इजरायल ने दावा किया कि ये स्थान हौथी विद्रोहियों द्वारा इजरायल और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर हमलों के लिए इस्तेमाल हो रहे थे। हमले में कम से कम 21 लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ बजील स्थित सीमेंट फैक्ट्री में थे।
अमेरिकी भूमिका:
हालांकि अमेरिकी सेना ने इस हमले में प्रत्यक्ष भागीदारी से इनकार किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल ने अमेरिका को हमले के बारे में पूर्व सूचना दी थी। अमेरिका ने यमन की राजधानी सना में भी स्वतंत्र हवाई हमले किए, जो हौथी विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाते हैं।
इजरायल की प्रतिक्रिया:
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हौथी विद्रोहियों और उनके समर्थक ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि हौथी विद्रोही अपने हमले जारी रखते हैं, तो इजरायल और ईरान दोनों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
निष्कर्ष:
यह हमला मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय संघर्षों का प्रतीक है। इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई ने हौथी विद्रोहियों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है, लेकिन यह भी स्पष्ट है कि क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में कई चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

