📅 लॉन्च का समय और प्रचार
- तारीख: 18 मई 2025 सुबह 5:59 बजे IST
- स्थान: सतीश धवन स्पेस सेंटर, श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश
- यह ISRO का 101वां मिशन और PSLV-XL का 27वां उड़ान था।
🛰️ EOS‑09 सैटेलाइट – उद्देश्य और विशेषताएँ
- भार: लगभग 1,696–1,710 किलो, C‑बैंड SAR तकनीक से लैस
- उद्देश्य: मौसम और दिन-रात की स्थिति से स्वतंत्र नज़र रखते हुए कृषि, वानिकी, आपदा प्रबंधन, शहरी नियोजन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रिमोट सेंसिंग डेटा पहुंचाना
- EOS‑09, EOS‑04 (RISAT‑1A) का उन्नत संस्करण था, पांच साल मिशन अवधि के साथ; कक्षा के अंत में सुरक्षित निष्कासन के लिए ईंधन भी शामिल था ।
🔍 क्या हुआ लॉन्च के दौरान?
पहले दो चरण पूरी तरह से सफल साबित हुए।
तीसरे चरण (ठोस ईंधन आधारित) में रॉकेट पर दबाव (chamber pressure) में अचानक गिरावट की वजह से सिस्टम में असामान्यता आई और सैटेलाइट अपनी निर्धारित कक्षा में नहीं पहुँच सका ।
ISRO चेयरमैन वी. नारायणन ने पुष्टि की:
“तीसरे चरण के दौरान मोटर के कैम्बेर दबाव में गिरावट आई और मिशन पूरा नहीं हो सका।”
🔧 इसके बाद की कार्रवाई
- ENSO‑09 मिशन के तुरंत बाद, ISRO ने एक अंदरूनी विफलता विश्लेषण समिति घोषित की, जबकि सरकार बाहरी विशेषज्ञों की भी समिति बनाएगी ।
- ISRO ने कहा कि जांच के पश्चात् भविष्य के लॉन्चों में सुधार किया जाएगा ।
- PSLV का ट्रैक रिकॉर्ड 60+ सफल मिशनों का रहा—इस एक असफलता से इसकी विश्वसनीयता पर असर नहीं पड़ेगा, समझे जा रहा है ।
⚖️ निष्कर्ष – सीख और आगे का रास्ता
| पहलु | विवरण |
|---|---|
| तकनीकी जांच | भविष्य में तीसरे चरण के ठोस मोटर में सुधार आवश्यक |
| प्रक्रिया सुधार | डेटा विश्लेषण से मसलों की पहचान एवं सुधार संभव |
| भरोसे की पुनर्स्थापना | PSLV की ताकत को ध्यान में रखते हुए अगली उड़ान में किसी भी गलती से निबटेंगे |
✈️ भविष्य की उड़ानें?
ISRO अब आगामी चार PSLV लॉन्च पर फोकस कर रही है – पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती के साथ नई उड़ानों को अंजाम देने की तैयारी में है ।
📝 सम्पूर्ण निष्कर्ष
18 मई 2025 को PSLV‑C61 द्वारा EOS‑09 लॉन्च की तैयारी थी। लेकिन तीसरे चरण में तकनीकी गड़बड़ी—चैंबर दबाव में गिरावट—के कारण यह मिशन अधूरा रहा। ISRO की मजबूत जांच प्रक्रिया और PSLV की लम्बी सफलता श्रृंखला भविष्य के मिशनों में भरोसे को कायम रखेगी।

