- नगर निगम कर्मचारी नालों की सफाई कर रहे थे। गाड़ी से कीचड़ भरी ट्रॉली को सड़क किनारे फेंकते समय बिना नीचे देखे ही 45 वर्षीय सुनील कुमार, जो पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे, के ऊपर ट्रॉली पलट गई—जिससे वे कीचड़ में दब गए और उनकी मौत हो गई।
🚨 तत्काल कार्रवाई और पोस्टमार्टम
- आसपास लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक सुनील की मौत हो चुकी थी।
- पोस्टमार्टम के लिए शव को भेजा गया और पुलिस ने Section 106 (न्यायसंगत लापरवाही से मृत्यु) के तहत FIR दर्ज की, ठेकेदार और कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू की गई।
⚖️ ज़िम्मेदारी और अधिकारी बयान
- निगम अधिकारियों ने घटना स्वीकार की और जांच का आश्वासन भी दिया गया है। ठेकेदार और कर्मचारी लापरवाही के आरोपों से घिरे हैं। स्थानीय लोगों ने निगम की कार्यप्रणाली पर रोष जताया है और परिवार को मुआवजा देने की मांग की जा रही है।
🧑👩👧 परिवार की त्रासदी
- सुनील कुमार एक सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार में कोहराम मचा है। स्थानीय निवासी भी घटना से गहरे आहत हैं।
✅ निष्कर्ष
यह घटना नगर निगम की लापरवाही और 안전 protocolos की अनदेखी का एक गंभीर उदाहरण है।
सिर्फ़ सफाई हेतु चलाये जा रहे कार्यों में बेसुरक़ी जानलेवा साबित हुई।
पूरी जांच और उचित मुआवजा सुनिश्चित कर, भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने की व्यवस्था बेहद ज़रूरी है।

