जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के तीन आतंकियों को ढेर किया। इस अभियान के दौरान सक्रिय आतंकी अदनान शफी का घर भी मलबे में तब्दील कर दिया गया, जिससे राज्य सरकार ने आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई।
📌 ऑपरेशन का संदर्भ
- यह अभियान 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद शुरू हुआ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हिस्सा था, जिसका मकसद घाटी से आतंकवाद मिटाना है ।
- शोपियां के शुकरू केलर (जम्पाथरी) इलाके में गुप्त सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी की, जिससे मुठभेड़ शुरू हुई ।
💥 कार्यवाही और मुठभेड़
- सुरक्षा बलों द्वारा इलाके को घेरने के बाद आतंकवादियों ने फायरिंग शुरू की, जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए ।
- मारे गए दो आतंकियों की पहचान शाहिद कुट्टे (LeT कमांडर, श्रेणी A) और अदनान शफी डार (LeT, श्रेणी C) के रूप में हुई ।
📜 अदनान शफी और शाहिद कुट्टे की पृष्ठभूमि
| आतंकी | श्रेणी | शामिल होने की तारीख | प्रमुख वारदात |
|---|---|---|---|
| शाहिद कुट्टे | A | मार्च 2023 | डेनिश रिज़ॉर्ट गोलीकांड (8 April 2024), बीजेपी सरपंच की हत्या (18 May 2024), TA कर्मियों की हत्या (3 Feb 2025) |
| अदनान शफी डार | C | अक्टूबर 2024 | 18 Oct 2024 में शोपियां में गैर‑स्थानीय मजदूर की हत्या में शामिल |
🏚️ घर की तबाही
- 26 अप्रैल को पहलगाम हमले के कुछ दिन बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने प्रशासनिक आदेश के ज़रिए दृढ़ता का संदेश देते हुए कुट्टे और शफी के घर को ध्वस्त किया ।
🔗 आगे का रास्ता
- अभी तक मुठभेड़ में शामिल तीसरे आतंकी की पहचान नहीं हो पाई है, सुरक्षा बल उसकी तफ्तीश जारी रखे हैं ।
- इस कार्रवाई से स्थानीय आतंकियों और उनके संरक्षकों को स्पष्ट चेतावनी मिली है कि राज्य की नीतियाँ सख्त और निश्छल हैं।
📝 विश्लेषण
यह मुठभेड़ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की व्यापक रणनीति का रोमांचक हिस्सा है, जो घाटी में आतंकवादी नेटवर्क को तोड़ने पर केन्द्रित है। सक्रिय आतंकी अदनान शफी का घर ध्वस्त होना न केवल सच्चे आतंकवादियों के उद्देश्य को विफल करता है, बल्कि भविष्य में जुड़ने वालों के लिए भी कड़ा संदेश है।

