जम्मू-कश्मीर में बड़ी सुरक्षा कार्रवाई: बडगाम और त्राल में मुठभेड़, कई आतंकी ढेर

जम्मू-कश्मीर में बड़ी सुरक्षा कार्रवाई: बडगाम और त्राल में मुठभेड़, कई आतंकी ढेर


जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। 16 मई की सुबह बडगाम और पुलवामा जिले के त्राल इलाके में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने कम से कम 6 आतंकियों को मार गिराया, जबकि भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं।


📍 बडगाम ऑपरेशन का विवरण

बडगाम जिले के चडूरा इलाके में सुरक्षाबलों को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ आतंकी एक घर में छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया।

  • आतंकियों ने घेराबंदी देखते ही गोलीबारी शुरू कर दी।
  • जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए
  • मारे गए आतंकियों की पहचान की जा रही है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हो सकते हैं।

📍 त्राल में भीषण मुठभेड़

त्राल के सेमथान इलाके में भी एक और ऑपरेशन चलाया गया। यहां एक निर्माणाधीन मकान में आतंकियों के छिपे होने की सूचना थी।

  • घंटों चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन और आतंकियों को ढेर कर दिया
  • इलाके में अभी भी तलाशी अभियान जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई आतंकी बचकर न निकल जाए।
  • पुलिस के मुताबिक, मारे गए आतंकी स्थानीय थे और हाल ही में सीमा पार से हथियार हासिल किए थे।

🧭 बरामद सामान

दोनों मुठभेड़ों के बाद सुरक्षाबलों ने निम्नलिखित सामग्रियां बरामद कीं:

  • 5 AK-47 राइफल्स
  • 2 पिस्टल
  • हैंड ग्रेनेड और वायरलेस सेट
  • सैटेलाइट फोन और नक्शे

🗣️ अधिकारियों की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक (DGP) ने बयान में कहा:

“सुरक्षाबलों ने शानदार समन्वय के साथ यह ऑपरेशन चलाया। मारे गए आतंकी कई बड़ी साजिशों में शामिल थे और आगामी चुनावों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।”

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया:

“ये ऑपरेशन आतंकियों को स्पष्ट संदेश है कि वे कहीं भी छिपे हों, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।”


🌐 आम जनता की भूमिका

बडगाम और त्राल की स्थानीय जनता ने भी सुरक्षाबलों को ऑपरेशन में सहयोग दिया। कई नागरिकों ने समय रहते पुलिस को सूचना दी, जिससे समय पर कार्रवाई संभव हो सकी।


🔒 सुरक्षा चाक-चौबंद

इन मुठभेड़ों के बाद पूरे दक्षिण कश्मीर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इंटरनेट सेवाएं कुछ क्षेत्रों में एहतियातन बंद की गई हैं और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।


निष्कर्ष
16 मई 2025 को हुई यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक अहम सफलता मानी जा रही है। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और स्थानीय लोगों के सहयोग से प्रदेश में अमन-शांति की दिशा में यह एक और मजबूत कदम साबित हुआ है।