विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने आज तहव्वुर हुसैन राणा की हिरासत अवधि 12 दिनों के लिए आगे बढ़ा दी, ताकि इस हाई‑प्रोफ़ाइल मामले की जांच की जा सके। राणा पर 2008 के मुंबई 26/11 हमले में मास्टमाइंड डेविड हेडली के सहयोगी की भूमिका का आरोप है।
🔍 कॉर्ट रिमांड – विस्तार की वजह
- अदालत ने विशेष न्यायाधीश चंदर जूठ सिंह की अदालत में NIA की दलीलों को सुनते हुए यह आदेश दिया।
- राणा की पहली 18-दिन की हिरासत अवधि 11 अप्रैल को समाप्त हो चुकी थी, जिसके तुरंत बाद यह 12-दिन की अतिरिक्त हिरासत दी गई।
- NIA पक्ष ने अदालत को बताया कि राणा ने पूछताछ में आंशिक या अस्पष्ट जवाब दिए हैं, और उनका बयान पूरी जांच की दिशा तय कर सकता है।
🧾 पूछताछ के मुख्य बिंदु
- NIA की टीम ने राणा से पूछताछ के दौरान विवरण का सामना कराया, जिसमें वह सहयोगी नहीं दिखे।
- अदालत ने राणा के चिकित्सा परीक्षण की निर्देश दिए और हर दूसरे दिन उसके वकील से मुलाक़ात की अनुमति दी।
- राणा को केवल सॉफ्ट-टिप पेन उपयोग करने की अनुमति थी, और वकील से मुलाक़ात NIA अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित किया गया था।
🌐 प्रक्रियाएँ और निष्पादन
- राणा को 4 अप्रैल 2025 को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया, जिसके बाद उन्हें 11 अप्रैल को NIA हिरासत में भेजा गया।
- उनकी हिब्रासत अवधि 6 मई 2025 तक अनुमानित है, जिसके पश्चात जस्टिसियल कस्टडी या नई हिरासत रिमांड पर निर्णय होगा।
🧭 आगे की जांच क्या होगी?
- रेकोंस्ट्रक्शन: राणा से घटनाओं की पुनरावृत्ति करवाई जाएगी, जिसमें NIA टीम उन्हें विभिन्न शहरों में ले जाएगी।
- डॉक्यूमेंटेशन जाँच: उनसे प्राप्त लेखन और आवाजे के नमूने मिलान सहित, लिपि, दस्तावेज़ और रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: प्रत्यर्पण से पहले इंटरपोल और FBI के साथ सहयोग जारी था; जांच में इनकी रिपोर्ट और सहयोग शामिल होंगे।
🔚 निष्कर्ष
NIA की न्यायालय से अतिरिक्त हिरासत की मांग के आधार पर, अदालत ने राणा की हिरासत अवधि 12 दिनों तक बढ़ा दी है। अब यह छोटी समयसीमा महत्वपूर्ण सबूतों की पुष्टि और उसकी भूमिका स्पष्ट करने में निर्णायक हो सकती है। न्याय अधिकारियों का दावा है कि राणा की जानकारी से लेशकर-ए-तैयबा के वर्तमान या भविष्य के आतंकवादी नेटवर्क पर भी असर हो सकता है।

