केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बेटियां केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की शक्ति होती हैं। उनका सम्मान, शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज और सरकार दोनों की साझा जिम्मेदारी है।राष्ट्रीय बालिका दिवस पर अमित शाह ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि आज की बालिका कल के भारत का नेतृत्व करेगी। उन्होंने कहा कि जब बालिकाओं को समान अवसर मिलते हैं, तब देश की प्रगति तेज होती है। शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से ही बेटियां अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं इसी दिशा में एक मजबूत कदम हैं। हालांकि, केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं। समाज की सोच में बदलाव भी उतना ही जरूरी है।राष्ट्रीय बालिका दिवस अमित शाह के संदेश का मूल भाव यह है कि बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखा जाए। घर से लेकर कार्यस्थल तक, हर स्तर पर उन्हें आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। यही सोच एक सशक्त और समावेशी भारत का निर्माण करेगी।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)प्रश्न
1: राष्ट्रीय बालिका दिवस क्यों मनाया जाता है?उत्तर: बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए।प्रश्न
2: राष्ट्रीय बालिका दिवस अमित शाह का मुख्य संदेश क्या है?उत्तर: बेटियों को समान अवसर देकर सशक्त भारत का निर्माण करना।प्रश्न
3: समाज की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?उत्तर: क्योंकि सामाजिक सोच बदले बिना बालिकाओं का वास्तविक सशक्तिकरण संभव नहीं है।

