बेंगलुरु में कुदरत का कहर: तेज बारिश और तूफानी हवाओं से 5 की मौत, शहर अस्त-व्यस्त

बेंगलुरु में कुदरत का कहर: तेज बारिश और तूफानी हवाओं से 5 की मौत, शहर अस्त-व्यस्त


कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में सोमवार रात अचानक आई तेज बारिश और आंधी-तूफान ने तबाही मचा दी। मौसम विभाग द्वारा पहले से कोई चेतावनी नहीं दिए जाने के कारण शहरवासी पूरी तरह से अनजान थे। इस आपदा में 5 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए हैं।

तबाही का मंजर

रात लगभग 10 बजे के बाद तेज हवाओं के साथ मूसलधार बारिश शुरू हुई। करीब दो घंटे तक हुई इस बारिश में कई पुराने मकान ढह गए। पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। खासतौर पर मालेश्वरम, विजयनगर, जयनगर और राजाजी नगर इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान देखने को मिला।

मृतकों की पहचान

बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार जिन 5 लोगों की मौत हुई, उनमें एक महिला और दो बच्चे भी शामिल हैं। अधिकांश मौतें दीवार गिरने और करंट लगने की वजह से हुईं। अस्पतालों में भर्ती घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

यातायात और जन-जीवन प्रभावित

बारिश के चलते कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया। मेट्रो सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं। सैकड़ों वाहन पानी में फंसे नजर आए, जबकि IT सेक्टर के हजारों कर्मचारी देर रात तक ऑफिस में फंसे रहे। सोशल मीडिया पर लोगों ने बेंगलुरु नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठाए।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री सिद्धारमैया ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवज़ा देने की घोषणा की है। BBMP को जल्द से जल्द राहत और पुनर्वास कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं।

मौसम विभाग का बयान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस घटना को ‘स्थानीय क्लाउड बर्स्ट’ का परिणाम बताया है और अगले 48 घंटों तक और बारिश की चेतावनी जारी की है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून पूर्व की गतिविधियाँ तेज हो रही हैं।


निष्कर्ष:
बेंगलुरु जैसी विकसित महानगरों में भी अचानक आई प्राकृतिक आपदाएं बता देती हैं कि प्रकृति के आगे इंसानी तैयारी अभी भी अधूरी है। इस घटना ने नगर निगम की आपदा प्रबंधन क्षमताओं पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ऐसी त्रासदियों से निपटने के लिए प्रशासन और अधिक सतर्क और सजग होगा।