ओडिशा में पीलिया के मामले, लक्षण और बचाव उपाय
ओडिशा में पीलिया का प्रकोप: दूषित नदी जल से बढ़ा खतरा, लक्षण और बचाव उपाय

ओडिशा में पीलिया | दूषित पानी से बढ़ा खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट


ओडिशा में पीलिया के मामले एक बार फिर चिंता का कारण बन गए हैं। पुरी जिले के नुआ दोकंदा क्षेत्र में पीलिया से पीड़ित 10 से अधिक मरीज सामने आए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस बीमारी का मुख्य कारण नदी का दूषित पानी माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पीने के पानी के बाद बुखार, कमजोरी और आंखों के पीलेपन जैसे लक्षण बताए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की।

डॉक्टरों के अनुसार, पीलिया की स्थिति तब बनती है जब लिवर खून में मौजूद बिलीरुबिन को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता। इसके कारण त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ने लगता है। दूषित पानी से फैलने वाले हेपेटाइटिस A और E वायरस भी पीलिया का बड़ा कारण हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में पानी के सैंपल इकट्ठा किए हैं। मरीजों का इलाज जारी है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी बताया गया है।

पीलिया को रोकने के लिए सही समय पर जांच और सतर्कता बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लक्षण दिखते ही इलाज शुरू हो जाए, तो यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

यह रिपोर्ट Akhbaar Ekta के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी पर आधारित है।

Read More – नवीन पटनायक अस्पताल भर्ती: हालत स्थिर बताई गई |

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. पीलिया कैसे फैल रहा है?
दूषित नदी और पीने के पानी के कारण पीलिया फैलने की आशंका है।

Q2. पीलिया के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
आंखों और त्वचा का पीला पड़ना, बुखार, थकान और गहरे रंग का पेशाब।

Q3. पीलिया से बचाव कैसे करें?
उबला पानी पिएं, साफ-सफाई रखें और समय पर डॉक्टर से सलाह लें।

Q4. क्या पीलिया पूरी तरह ठीक हो सकता है?
हां, समय पर इलाज मिलने पर पीलिया पूरी तरह ठीक हो सकता है।