ऑपरेशन सिंदूर: भारत की एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों का सफाया

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों का सफाया


भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की, जिसे ऑपरेशन सिंदूर का नाम दिया गया। इस ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना ने आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की, जिसमें कई प्रमुख आतंकवादी मारे गए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ अजहर और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबू जुंदाल सहित कई आतंकवादी शामिल थे।

यह एयर स्ट्राइक पाकिस्तान और भारत के बीच बढ़ते तनाव और सुरक्षा स्थिति के बीच एक महत्वपूर्ण कदम थी, जिसका उद्देश्य सीमा पार आतंकवाद को रोकना और भारत के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि

ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना और वायु सेना के एक संयुक्त अभियान का हिस्सा था, जिसे पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकवादी समूहों की गतिविधियों को समाप्त करने के लिए शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना था, जो भारतीय सीमा पर हमलों की योजना बना रहे थे या जिनके खिलाफ भारतीय सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी प्राप्त की थी।

भारत के खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में कई आतंकवादी समूह, विशेष रूप से जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा, भारतीय सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हमलों की तैयारी कर रहे थे। इन आतंकवादी संगठनों का नेतृत्व करने वाले प्रमुख आतंकवादी कमांडरों, जैसे मसूद अजहर और अबू जुंदाल, का नाम इन गतिविधियों में बार-बार सामने आ रहा था।

एयर स्ट्राइक का समय और तात्कालिक प्रभाव

भारत की वायु सेना ने 7 मई को सुबह के समय पाकिस्तान और PoK में आतंकवादी ठिकानों पर एक बड़ी एयर स्ट्राइक की। यह स्ट्राइक लगभग एक दर्जन से अधिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए की गई, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के महत्वपूर्ण ठिकाने शामिल थे। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायु सेना ने पूरी तरह से सटीक और प्रभावी हमले किए, जिससे आतंकवादियों के लिए इस्तेमाल हो रहे ठिकाने नष्ट हो गए और कई आतंकवादी मारे गए।

इस एयर स्ट्राइक के बाद, पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों ने इसे एक “अत्यधिक उकसावे वाली कार्रवाई” बताया, जबकि भारतीय अधिकारियों ने इसे “आतंकवाद के खिलाफ एक उचित जवाब” करार दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इसे पाकिस्तान द्वारा बढ़ते आतंकवादी हमलों का जवाब देने के रूप में देखा, ताकि सीमा पार से होने वाली गतिविधियों को रोका जा सके।

मारे गए आतंकवादियों की पहचान

ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए प्रमुख आतंकवादियों में मसूद अजहर का भाई अब्दुल रऊफ अजहर और लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर अबू जुंदाल शामिल थे।

  1. अब्दुल रऊफ अजहर: जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का भाई, अब्दुल रऊफ अजहर, पाकिस्तान में अपनी गतिविधियों के लिए जाना जाता था। वह भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में सक्रिय था। अब्दुल रऊफ अजहर का नाम कई आतंकवादी हमलों के मामलों में था और वह भारतीय सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ था।
  2. अबू जुंदाल: लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर, अबू जुंदाल, पाकिस्तान के शरण में था और भारतीय सुरक्षा बलों पर हमलों के लिए रणनीति बना रहा था। उसकी मंशा भारतीय शहरों में बड़े हमलों को अंजाम देने की थी। अबू जुंदाल का मारना भारत के लिए एक बड़ी सफलता थी, क्योंकि वह पिछले कई वर्षों से भारतीय सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण टारगेट था।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

ऑपरेशन सिंदूर की कड़ी प्रतिक्रिया केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आई। संयुक्त राष्ट्र और अन्य प्रमुख देशों ने भारत के इस कदम की सराहना की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रयासों को समर्थन दिया। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी पाकिस्तान से अपील की कि वह अपनी धरती पर सक्रिय आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे।

हालाँकि पाकिस्तान ने इस एयर स्ट्राइक को आक्रमण करार दिया, लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इसे केवल आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया, जो कि भारत के नागरिकों की सुरक्षा और पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करने की कड़ी निंदा के तहत था।

भविष्य में भारत की रणनीति

ऑपरेशन सिंदूर के सफल निष्पादन के बाद भारत की सरकार और सुरक्षा बलों ने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का संघर्ष जारी रहेगा। भारतीय रक्षा मंत्री ने बयान दिया कि भारत किसी भी आतंकवादी हमले या पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत की नीति अब आतंकवादियों के खिलाफ आक्रमक कार्रवाई और सुरक्षा के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील हो गई है।

इसके साथ ही भारत ने यह भी साफ किया कि भविष्य में यदि पाकिस्तान अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करता और आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो ऐसे ऑपरेशनों की पुनरावृत्ति हो सकती है।

निष्कर्ष

ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सुरक्षा बलों की कड़ी प्रतिक्रिया और पाकिस्तान के खिलाफ एक निर्णायक कदम था। इस ऑपरेशन के माध्यम से भारत ने यह साबित किया कि वह अपनी सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतता और आतंकवाद के खिलाफ हर संभव कदम उठाएगा। पाकिस्तान और PoK में आतंकवादियों के खिलाफ की गई इस कार्रवाई ने न केवल भारत की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया, बल्कि एक संदेश भी भेजा कि भारत सीमा पार आतंकवाद को कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगा।