ओवैसी का दावा: ‘आरएसएस भाजपा और आप दोनों की विचारधारा की जड़ है

ओवैसी का दावा: ‘आरएसएस भाजपा और आप दोनों की विचारधारा की जड़ है


ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला किया है। ओवैसी ने कहा कि भाजपा और आप दोनों ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा को मानते हैं और उनके मूल सिद्धांतों का पालन करते हैं। उनका कहना है कि दोनों दलों की राजनीति हिंदुत्व पर आधारित है।

ओवैसी का बयान

असदुद्दीन ओवैसी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आरएसएस भाजपा और आप की मां है। दोनों दलों की विचारधारा का स्रोत आरएसएस है। यह बात कोई छिपी हुई नहीं है कि भाजपा और आप दोनों ही हिंदुत्व की राजनीति को आगे बढ़ा रहे हैं। दोनों ही पार्टियां अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अनदेखी कर रही हैं।”

ओवैसी ने आरोप लगाया कि आप पार्टी ने दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें कीं, लेकिन उनकी नीतियां भी भाजपा की तरह ही सांप्रदायिक हैं। उन्होंने कहा, “आपने देखा होगा कि कैसे आप पार्टी के नेता धार्मिक मुद्दों पर चुप्पी साध लेते हैं। ये सब दिखावा है। अंदर से ये भी उसी विचारधारा को मानते हैं, जिसे भाजपा बढ़ावा देती है।”

हिंदुत्व पर राजनीति का आरोप

ओवैसी ने कहा कि भाजपा खुलकर हिंदुत्व की राजनीति करती है, जबकि आम आदमी पार्टी इसे छिपाकर करती है। उन्होंने कहा, “आप को लगता है कि वे अलग हैं, लेकिन असल में वे भाजपा की एक अलग शाखा हैं। दोनों ही पार्टियां अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ हैं।”

ओवैसी ने आगे कहा कि यह समय अल्पसंख्यकों को जागरूक होने का है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अपनी राजनीतिक ताकत को समझना होगा और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना होगा।

दिल्ली और पंजाब की राजनीति पर निशाना

ओवैसी ने दिल्ली और पंजाब की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आप की सरकार बनने के बाद भी अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कोई विशेष नीतियां नहीं बनाई गईं।

उन्होंने पंजाब में भी आप सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां भी आम आदमी पार्टी की नीतियां भाजपा की तरह ही हैं। उन्होंने कहा, “आप की सरकार ने भी धार्मिक अल्पसंख्यकों के मुद्दों को नजरअंदाज किया है। भाजपा और आप में कोई बड़ा अंतर नहीं है।”

भाजपा पर भी साधा निशाना

ओवैसी ने भाजपा पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां केवल बहुसंख्यक समुदाय को खुश करने के लिए बनाई जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अल्पसंख्यकों को हाशिए पर धकेलने की कोशिश कर रही है।

“भाजपा की हर नीति का उद्देश्य केवल हिंदू वोट बैंक को मजबूत करना है। वे देश की विविधता को खत्म करना चाहते हैं,” ओवैसी ने कहा।

राजनीतिक विशेषज्ञों की राय

ओवैसी के बयान के बाद राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवैसी भाजपा और आप के बीच की समानताओं को उजागर कर अल्पसंख्यक वोट बैंक को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, भाजपा और आप दोनों ने ओवैसी के आरोपों को खारिज कर दिया है। भाजपा ने कहा कि उनकी पार्टी सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति पर काम करती है। वहीं, आप ने कहा कि उनका फोकस शिक्षा और स्वास्थ्य पर है और वे धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करते।

ओवैसी का संदेश

ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसी भी सरकार को धर्म के आधार पर भेदभाव करने का हक नहीं है। उन्होंने कहा कि AIMIM का उद्देश्य सभी समुदायों को न्याय दिलाना है।

उन्होंने अपने समर्थकों से कहा, “हमें जागरूक रहना होगा। हमें अपनी राजनीतिक ताकत को समझना होगा और अपनी आवाज को बुलंद करना होगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी आने वाली पीढ़ियां एक सुरक्षित और समान अधिकार वाले देश में जी सकें।”

निष्कर्ष

असदुद्दीन ओवैसी का बयान भारतीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे सकता है। उनके आरोपों से यह स्पष्ट है कि वे भाजपा और आप को एक ही विचारधारा का हिस्सा मानते हैं। आगामी चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान का राजनीतिक परिदृश्य पर क्या असर पड़ता है और किस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।