महाकुंभ में ‘ऑक्सीजन बाबा’ बने आकर्षण का केंद्र: पर्यावरण संरक्षण का दे रहे संदेश

महाकुंभ में ‘ऑक्सीजन बाबा’ बने आकर्षण का केंद्र: पर्यावरण संरक्षण का दे रहे संदेश


महाकुंभ 2025 के मेले में एक अनोखा साधु, जिन्हें लोग ‘ऑक्सीजन बाबा’ के नाम से पुकार रहे हैं, श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। ऑक्सीजन बाबा अपने चेहरे पर मास्क लगाकर भोलेनाथ का जप करते हैं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देते हैं। उनके इस अनोखे अंदाज ने हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचा है।

कौन हैं ‘ऑक्सीजन बाबा’?

ऑक्सीजन बाबा का असली नाम स्वामी महेशानंद है। वह उत्तराखंड के एक छोटे से गांव से आते हैं और पिछले कुछ वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है और प्रकृति की रक्षा करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

मास्क पहनने के पीछे की कहानी

ऑक्सीजन बाबा हमेशा एक खास मास्क पहनते हैं, जो उन्हें प्रदूषण से बचाने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का भी प्रतीक है। बाबा का कहना है कि, “हम भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं, जो प्रकृति के देवता हैं। लेकिन अगर हम प्रकृति को नष्ट करेंगे, तो यह पूजा अधूरी रह जाएगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि वह मास्क पहनकर लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि स्वच्छ हवा हर किसी का अधिकार है और हमें इसे संरक्षित करने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए।

महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा

महाकुंभ के मेले में लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऑक्सीजन बाबा के संदेश और उनकी अनोखी साधना ने कई लोगों को प्रभावित किया है। बाबा न केवल पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बात करते हैं, बल्कि लोगों को अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाने की प्रेरणा भी देते हैं।

श्रद्धालुओं में से एक ने कहा, “ऑक्सीजन बाबा का संदेश बहुत प्रेरणादायक है। वह हमें याद दिलाते हैं कि हम प्रकृति के बिना कुछ नहीं हैं और इसे बचाने की जिम्मेदारी हमारी है।”

पर्यावरण संरक्षण की पहल

ऑक्सीजन बाबा पर्यावरण संरक्षण के कई अभियानों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने गांव में वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया है और लोगों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित किया है। महाकुंभ के दौरान भी वह लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि गंगा नदी को स्वच्छ रखें और कूड़ा-कचरा न फैलाएं।

बाबा का कहना है कि, “गंगा केवल एक नदी नहीं है, यह हमारी मां है। इसे प्रदूषित करना पाप है। अगर हम गंगा को स्वच्छ रखेंगे, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आशीर्वाद का काम करेगी।”

युवाओं को दे रहे हैं जागरूकता का संदेश

ऑक्सीजन बाबा का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है। इसमें हर नागरिक की भूमिका अहम है। वह खासतौर पर युवाओं से अपील करते हैं कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और छोटे-छोटे कदम उठाकर बड़ा बदलाव लाएं।

बाबा के अनुसार, “अगर हर युवा एक पेड़ लगाए और अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव करे, तो हम एक बड़ी समस्या का समाधान कर सकते हैं।”

निष्कर्ष

महाकुंभ 2025 में ‘ऑक्सीजन बाबा’ न केवल एक धार्मिक व्यक्तित्व बन गए हैं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने वाले एक प्रेरणास्रोत भी हैं। उनकी साधना और संदेश ने लाखों लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया है। ऑक्सीजन बाबा का यह प्रयास यह साबित करता है कि भक्ति के साथ-साथ प्रकृति की सेवा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।