UGC Equity Regulations को लेकर दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हो रही है। इस मामले को शिक्षा जगत से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर देश के उच्च शिक्षा संस्थानों और शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर पड़ सकता है। याचिकाकर्ताओं ने इन नियमों को असमान और संविधान के कुछ प्रावधानों के खिलाफ बताया है।सुनवाई के दौरान Supreme Court of India apex court of india में याचिकाकर्ता पक्ष ने दलील दी कि University Grants Commission higher education regulator india द्वारा लाए गए इक्विटी रेगुलेशंस से कुछ वर्गों के साथ भेदभाव की स्थिति बन सकती है। उनका कहना है कि ये नियम संस्थानों की स्वायत्तता को भी प्रभावित करते हैं। वहीं, UGC की ओर से पेश वकीलों ने नियमों को पारदर्शी और समावेशी बताते हुए उनका बचाव किया।पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनते हुए कहा कि शिक्षा नीति में समानता और गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। कोर्ट ने फिलहाल किसी अंतरिम रोक पर फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय करने के संकेत दिए हैं। इस दौरान केंद्र सरकार से भी इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब मांगा गया है। इस मामले पर आने वाला फैसला देश की उच्च शिक्षा प्रणाली की दिशा और दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शिक्षा विशेषज्ञ और विश्वविद्यालय प्रशासन इस सुनवाई पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: UGC Equity Regulations क्या हैं?
उत्तर: ये नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में नियुक्ति और प्रतिनिधित्व में समानता सुनिश्चित करने से जुड़े हैं।
प्रश्न 2: यह मामला सुप्रीम कोर्ट में क्यों पहुंचा?
उत्तर: याचिकाकर्ताओं ने नियमों को असंवैधानिक और भेदभावपूर्ण बताते हुए चुनौती दी है।
प्रश्न 3: अगली सुनवाई कब होगी?
उत्तर: कोर्ट ने अगली तारीख जल्द तय करने की बात कही है।

