गोलीबारी की घटना और प्राथमिक जानकारी
- मिगुएल उरीबे तुर्बे, कोलंबिया के सिटिजन सेंटर (Democratic Centre) पार्टी के सांसद और 2026 के राष्ट्रपति चुनाव में संभावित उम्मीदवार, एक चुनाव प्रचार रैली के दौरान पीठ में गोली लगने से critically घायल हो गए। कहा जा रहा है कि उन्हें तीन गोलियाँ मारी गईं, जिनमें से दो सिर में लगी थीं ।
- यह घटना स्थानीय समयानुसार लगभग शाम 5 बजे हुई, जब एक 14–15 वर्षीय किशोर—जिसे माना जा रहा है कि एक “contract killer” था—ने इसमें भाग लिया ।
चिकित्सा सहायता और वर्तमान स्थिति
- घायल होने के तुरंत बाद उन्हें Engativá Medical Center में लाया गया, जहां से रात में Fundación Santa Fe de Bogotá में एडमिट किया गया। प्रमुख न्यूरोसर्जन डॉ. फर्नांडो हाकिम की अगुआई में उनकी सफल न्यूरोसर्जिकल और परिधीय–वैस्कुलर सर्जरी की गई ।
- अगले दिन, 8 जून को जारी मेडिकल अपडेट में बताया गया कि उन्होंने सर्जरी सफलतापूर्वक पार कर ली, लेकिन उनकी हालत “बेहद गंभीर” और “रेज़र्व्ड प्रॉज्नोसिस” वाली बनी हुई है ।
आरोपी की गिरफ्तारी और जांच
- मैदान पर हमला करते समय असामयिक फायरिंग के बाद आरोपी किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया; उसे पैर में चोट भी आई थी। उस पर हत्या का प्रयास और अवैध हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं, हालांकि उसने आरोप स्वीकार नहीं किए ।
- संभावित साजिश का पता लगाने के लिए जांच जारी है। कोलंबियाई सरकार ने $730,000 (लगभग 3 बिलियन पेसो) का इनाम देने की भी घोषणा की है, जो कि गवर्नमेंट की प्रतिक्रिया रही ।
राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- कोलंबियाई राष्ट्रपति Gustavo Petro ने अपनी फ्रांस यात्रा रद्द कर दी और घटना की कड़ी निंदा करते हुए जांच का आदेश दिया ।
- घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गहरा आक्रोश हुआ—भूसेध राष्ट्रपति से लेकर विपक्षी दलों ने लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सुरक्षा की मांग की, और Latin अमेरिका और अन्य देशों के नेताओं ने भी निष्पक्ष जांच की अपील की।
- ओर्गनाइज़ेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स (OAS) ने भी इस राजनीतिक हिंसा की कड़ी निंदा की और न्याय की मांग की ।
व्यक्तिगत और भावनात्मक पक्ष
- मिगुएल उरीबे तुर्बे, एक राजनेता, पत्रकार डायना तुर्बे (उनकी मां) के बेटे हैं, जो 1991 में मादेख़ुएल कार्टेल द्वारा अपहृत और मुठभेड़ में मारी गई थीं। यह हमला उन पुराने दर्दनाक राजनीतिक हिंसा की याद दिलाता है और कोलंबिया के लिए फिर से बड़ी चेतावनी है ।
निष्कर्ष:
7 जून की यह दर्दनाक घटना सिर्फ एक राजनीतिक हमले से भी आगे की कहानी कहती है—यह लोकतंत्र, वाद-विवाद, और सार्वजनिक जीवन में हिंसा की वापसी का संकेत है। मिगुएल उरीबे तुर्बे की सुरक्षा, न्याय की प्रक्रिया, और राजनीतिक स्थिरता की मांग अब हरकोने से उठ रही है।

