✈️ प्रधानमंत्री का अभूतपूर्व दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 6 जून 2025 को जम्मू-कश्मीर के तीन ज़िलों — श्रीनगर, उधमपुर और रियासी — का एक दिवसीय दौरा किया। यह यात्रा राजनीतिक, विकासात्मक और रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम मानी जा रही है।
इस दौरे में उन्होंने न सिर्फ नई परियोजनाओं का उद्घाटन किया, बल्कि स्थानीय लोगों, युवाओं और सुरक्षाबलों से भी संवाद किया।
🌉 चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन
यात्रा का मुख्य आकर्षण था:
✅ दुनिया के सबसे ऊँचे रेलवे पुल — चिनाब रेल ब्रिज — का उद्घाटन
- स्थान: रियासी जिला
- ऊंचाई: 359 मीटर (एफिल टॉवर से ऊँचा)
- उद्देश्य: कश्मीर को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ना
- PM मोदी ने कहा: “यह केवल एक पुल नहीं, बल्कि कश्मीर की आत्मा को देश के दिल से जोड़ने वाला सेतु है।“
🏗️ विकास परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री ने करीब ₹14,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें शामिल हैं:
- AIIMS श्रीनगर का विस्तार
- जम्मू रिंग रोड प्रोजेक्ट
- हाइड्रो पावर स्टेशन – किशनगंगा फेज़-2
- कश्मीरी युवाओं के लिए 5 नए कौशल विकास केंद्र
- श्रीनगर में डिजिटल स्मार्ट क्लास रूम्स की शुरुआत
🔒 सुरक्षा समीक्षा बैठक
प्रधानमंत्री ने सेना, CRPF, BSF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की।
चर्चा के विषय:
- आतंकवाद विरोधी अभियान
- LOC पर घुसपैठ की रोकथाम
- AI आधारित निगरानी उपकरणों की तैनाती
- चुनावों की तैयारी और अमन कायम रखने की रणनीति
गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी बैठक में मौजूद रहे।
🧒 युवाओं से संवाद
श्रीनगर के एसकेआईसीसी हॉल में PM मोदी ने 500 से अधिक युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा:
“जम्मू-कश्मीर के युवा अब सिर्फ नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनेंगे। आप में दुनिया को बदलने की ताक़त है।“
उन्हें “डिजिटल इनोवेशन स्कॉलरशिप योजना” का शुभारंभ भी किया गया।
🌼 स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ थीम के अंतर्गत:
- कश्मीरी हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
- ज़ाफरान, पेपर माचे और कालीन उद्योग के कारीगरों से मुलाकात की
- “कश्मीर कला संगम” कार्यक्रम में भाग लिया
🗳️ संभावित चुनाव संकेत?
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा आगामी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव की तैयारी का संकेत हो सकता है। पीएम मोदी के भाषणों में बार-बार स्थानीय नेतृत्व, युवाओं की भागीदारी और लोकतंत्र की वापसी की बात सामने आई।
🚁 सुरक्षा व्यवस्था
- श्रीनगर, रियासी और उधमपुर में 3 स्तरीय सुरक्षा घेरा
- 5000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
- ड्रोनों और स्नाइपर्स की सहायता से निगरानी
- स्थानीय इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर अस्थायी नियंत्रण
📢 निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 6 जून 2025 का जम्मू‑कश्मीर दौरा सिर्फ एक राजनीतिक या औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया — “अब कश्मीर सिर्फ ख़बरों में नहीं, विकास की मिसाल बनेगा।”

