राहुल गांधी का भावुक दौरा: पहलगाम आतंकी हमले में शहीद शुभम द्विवेदी के परिवार से मुलाकात

राहुल गांधी का भावुक दौरा: पहलगाम आतंकी हमले में शहीद शुभम द्विवेदी के परिवार से मुलाकात


📌 परिचय

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की हत्या हो गई। 30 अप्रैल को कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष, राहुल गांधी ने अमेठी और रायबरेली का दौरा पूरा कर सीधे कानपुर में शुभम के घर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की—और इस दौरान उन्होंने नैतिक व राजनीतिक संदेश दोनों दिए।


🤝 मुलाकात का भावुक माहौल

राहुल गांधी ने करीब 20–30 मिनट तक शोकाकुल परिवार से बातचीत की, जिसमें हिस्सा थे शुभम की पत्नी ऐशन्या, पिता संजय और अन्य सदस्य। ऐशान्या ने बताया कि:

“आतंकियों ने चुन‑चुन कर सिर्फ युवा जोड़ों को निशाना बनाया…”

ऐसे हालात सुनकर राहुल भी भावुक हो उठे, उन्हें गले लगाया और ढाँढस बँधाया। उन्होंने ऐशान्या को प्रियांका गांधी से फोन पर बात करने में सहायता की ।


🕯️ श्रद्धांजलि और न्याय की अपील

राहुल गांधी ने शुभम को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा:

“पूरे देश का शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए, आतंकियों के खिलाफ सख्त और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए… पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।”


📣 विशेष सत्र की मांग

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पहलगाम आतंक हमले को लेकर एक विशेष संसद सत्र बुलाया जाए, ताकि यह राष्ट्रीय घटना विधिवत रूप से संसद में चर्चा के दायरे में आए:

“इस उद्देश्य हेतु, संयुक्त विपक्ष ने सरकार को विशेष सत्र बुलाने का समर्थन दिया है।”


📰 राजनीतिक बयान और संदेश

उन्होंने पीएम को पत्र लिखने का भरोसा दिलाया और कहा कि शुभम को ‘शहीद’ का दर्जा दिया जाना चाहिए। यह भी कहा कि:

“अगर हमारी सरकार होती, तो हम तुरंत कठोर कदम उठाते।”

इस दौरान राहुल गांधी ने उल्लेख किया कि उन्होंने जीवन में दो बार आतंक का शिकार महसूस किया—पहली उनकी दादी, और दूसरी उनके पिता के रूप में ।


🧭 राहुल का दौरा: अमेठी से कानपुर तक

  • मंगलवार (29 अप्रैल) को राहुल ने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत की, जिसमें अमेठी और रायबरेली शामिल थे ।
  • बुधवार (30 अप्रैल) को सीधे कानपुर पहुंचे और शुभम परिवार से मिले ।

🏛️ राजनीतिक और सामाजिक संदेश

  • राहुल की यह पहल विपक्ष की एकता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देती है—कि आतंकवाद को राजनीतिक या क्षेत्रीय विभाजन से ऊपर रखा जाए।
  • शुभम को शहीद दर्जा दिलाने की मांग तथा संसद में व्यापक चर्चा की प्रतिज्ञा, यह दिखाती है कि कांग्रेस इसे एक राजनीतिक मुद्दे के साथ संवैधानिक एवं न्यायोचित मुद्दा भी बना रही है।

🧾 निष्कर्ष

राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ सांत्वना देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ये आत्मीय समर्थन, न्याय की मांग और राजनीतिक संदेश बहु आयामी रूप में सामने आया। उनका यह चरण राष्ट्र में आतंकवाद से एकजुट होने का आह्वान है, साथ ही संसद के माध्यम से इसे गंभीरता से समझने की अपील भी।