भीषण अग्निकांड – कानपुर

भीषण अग्निकांड – कानपुर


यह घटना 4 मई 2025 की रात लगभग 10:00 बजे कानपुर के चमनगंज थाना क्षेत्र में स्थित गांधी नगर/प्रेमनगर इलाके की पांच या छह मंज़िला इमारत में हुई। इस इमारत के नीचे लेदर शू फैक्ट्री तथा ऊपर गोदाम और निवास स्थान थे ।

कैसे फैली आग:

  • आग की शुरुआत भूतल पर स्थित शू फैक्ट्री या इलेक्ट्रिक मीटर में शॉर्ट सर्किट के कारण हुई ।
  • फैक्ट्री में मौजूद रसायन और चमड़े तथा चारों ओर रखे एलपीजी सिलिंडर या AC यूनिट्स की मौजूदगी ने आग को मात्र 10–15 मिनट में ऊपर की मंज़िलों तक ले जाकर बड़ी तबाही मचा दी ।

रेस्क्यू ऑपरेशन:

  • मौके पर 30–35 फायर टेंडर और करीब 70 दमकलकर्मी, साथ में SDRF (State Disaster Response Force) पहुंची।
  • narrow गलियों और इमारत के भीतर ताले और धुएँ ने बचाव में बाधा डाली ।
  • दमकल कर्मियों द्वारा दीवारें तोड़कर और हाइड्रोलिक प्लेटफार्म का उपयोग करके तीसरी और चौथी मंज़िल से अन्य लोगों को गंभीर रूप से निकलवाया गया; लेकिन इसी दौरान पिकड़ का धुआँ इतना घना था कि उक्त परिवार तक पहुँचना मुश्किल हो गया ।

पुण्यतिथि और ताज़ा विवरण:

  • सोमवार सुबह तक अग्निशमन कार्य जारी रहा, और लगभग 3:30 बजे–5:30 बजे शव निकाले गए।
  • मृतकों में परिवार के मुखिया मोहम्मद दानिश (45), उनकी पत्नी नज़लीन या नाज़नीन साबा (42) एवं उनकी तीन बेटियाँ सारा (15), सिमरा (12) और इनाया (7) शामिल हैं ।
  • इमारत में एक ही परिवार का एक भाग भीतर फंसा था, जबकि अन्य मंज़िलों पर दानिश के भाई का परिवार रहता था ।

दाह संस्कार और पहचान:

  • शव इतने बुरी तरह जले हुए थे कि पहचान करना कठिन हो गया ।
  • एक बेटी का शव माँ की बाँह में पाया गया, जो एक दर्दनाक दृश्य साबित हुआ ।

इमारत-प्रशासनिक प्रतिक्रिया:

  • क्षेत्र की बिजली सप्लाई ठप हो गई थी; KESCO तकनीकी दल को बिजली बहाल करने बुलाया गया ।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ADM एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी तात्कालिक रूप से घटना स्थल पर पहुंचे, और राहत सहायता का आदेश जारी किया ।
  • अग्निशमन विभाग और एफआईआर-पुलिस ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी ।

स्थानीय प्रभाव:

  • पास की इमारतों को खाली कराया गया, लगभग 500 मीटर की सुरक्षित दूरी सील की गई ।
  • अग्निशमन प्रयासों में स्थानीय लोग भी मदद के लिए सामने आए, कुछ ने बाहर रखे सामानों को निकाला ।

📝 निष्कर्ष

चमनगंज की यह त्रासदी इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई, लेकिन फैक्ट्री में रखे रसायन, बैरल, एलपीजी सिलिंडर व धुएँ ने इसे भयावह आकृति प्रदान की। narrow गलियों और इमारत के बंद रास्तों ने बचाव में महत्वपूर्ण विलंब डाला। 70 से अधिक फायर टेंडर, SDRF और दमकल टीम के अनेक घंटों के प्रयास से तीन मंजिलों से कई लोगों को बचाया गया, लेकिन परिवार का एक ही सदस्य ढूंढ पाने में सफलता मिली—परंतु इतने प्राणों की रक्षा नहीं हो सकी।


🛡️ आग सुरक्षा – कुछ सबक

सावधानियाँविवरण
फैक्ट्री–रेज़िडेन्शियल ज़ोनगहन रूप से जोखिम: रसायन व गैस संयोजन खतरा बढ़ाते हैं
शॉर्ट सर्किट रोकथामनियमित वायरिंग निरीक्षण और earthing जरूरी
इमारत में multiple निकासी मार्गnarrow passage से बचाव में देरी होती है
आग बुझाने के संसाधनफायर ऐक्सेस और ladders को मैनटेन रखें
जिम्मेदारी का बाँटफैक्ट्री, फ़ायर, नगर निगम और ऊर्जा बोर्ड को स्पष्ट भूमिकाएं

अगर आप चाहें, तो हम अग्निशमन विभाग से आग से सुरक्षा सम्बन्धी सुझावों, कानपुर प्रशासन की अगली कार्रवाइयों या इसी तरह के अन्य घटनाओं पर भी विस्तार से जानकारी दे सकते हैं।