तेज हवाओं, धूल भरी आंधी एवं बारिश – मौसम की करवट

तेज हवाओं, धूल भरी आंधी एवं बारिश – मौसम की करवट


दिल्ली‑एनसीआर में पिछले दिनों अचानक मौसम में बदलाव के चलते सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिहाज़ से अलर्ट जारी किया गया। ढाई मई की रात से शुरू हुई तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और धूल भरी आंधी ने वातावरण में उथल‑पुथल मचा दी, जिससे वायु गुणवत्ता अचानक “खराब” श्रेणी में आ गई ।

आईजीआई एयरपोर्ट पर दृश्यता 4,500 मीटर से घटकर मात्र 1,200 मीटर रह गई, जिससे कई घंटों तक उड़ान संचालन प्रभावित रहा । मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए अक्टूबर से गर्म और सूखे लू को लेकर सतर्क रहने को कहा ।


🚦 GRAP स्टेज‑1 लागू—धूल से प्रदूषण पर नियंत्रण

पिछली दो रातों में AQI ‘खराब’ स्तर 201–300 तक पहुंच गया था और 16 मई की सुबह 278 दर्ज किया गया, जिसे देखते हुए CAQM ने तुरंत GRAP (Graded Response Action Plan) Stage‑1 लागू कर दिया ।

GRAP Stage‑1 के तर्क और कार्रवाई:

  • प्रदूषणकारी गतिविधियों पर रोक
    निर्माण कार्य, सड़क सफाई, विस्तारित वाहन चलाने पर रोक लगाई गई।
  • वाहन नियंत्रण उपाय
    पुराने वाहनों पर पाबंदी, PUC प्रमाण पत्र जरूरी, रेड लाइट पर इंजन बंद करना अनिवार्य।
  • धूल नियंत्रण उपाय
    धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर पानी का छिड़काव और स्मॉग गन का इस्तेमाल ।
  • इको‑फ्रेंडली संदेश
    पर्यावरणीय गतिविधियों के बारे में जागरूकता, पेड़ लगाने, प्रदूषण रिपोर्टिंग की अपील ।

🌦️ अलर्ट और आगे की संभावनाएँ

  • IMD ने 16 से 22 मई के बीच हल्की बारिश, आंधी‑तूफान तथा तेज हवाओं की संभावना जताई है ।
  • इन मौसमी बदलावों को प्रदूषण नियंत्रण के दृष्टिकोण से सकारात्मक माना जा रहा है—क्योंकि हवा की गति और बारिश से वायु में मौजूद प्रदूषक स्वाभाविक रूप से कम हो जाते हैं ।

✔️ नागरिकों के लिए सुझाव

  1. प्रवेश से बचें: संभव हो तो फंसे हुए इलाकों से दूर रहें।
  2. स्वास्थ्य सावधानी: सांस लेने में असुविधा महसूस हो तो एन95 मास्क पहनें।
  3. वाहन रखरखाव: पेट्रोल–डीजल वाहन नियमित जांच करवाएँ।
  4. खुले में जलाने से बचें: तांदूर, जलती आग या पटाखों का उपयोग टालें।
  5. धूल फैलाने वाली गतिविधियों से बचें: खुदाई या निर्माण कार्य में सतर्कता रखें।

🔚 निष्कर्ष

16 मई की सुबह दिल्ली‑एनसीआर में मौसम ने एक बार फिर अपनी धार बदल दी। तेज हवाओं, धूल‑बारिश और GRAP Stage‑1 की त्वरित कार्रवाई ने प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में प्रभावशाली कदम उठाया। इन उपायों से उम्मीद है कि AQI धीरे‑धीरे “मध्यम” या उससे बेहतर स्तर पर आ जाए।