राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव में महुआ सीट से चुनाव लड़ने की अपनी जिद के चलते पार्टी में हलचल मचा दी है। पार्टी में बढ़ते तनाव को देखते हुए लालू प्रसाद यादव को खुद इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को संभालने के लिए पार्टी नेताओं के बीच बातचीत की।
क्या है मामला?
तेजप्रताप यादव ने महुआ सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है, जो उनकी पुरानी विधानसभा सीट भी है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने इस बार महुआ सीट पर किसी अन्य उम्मीदवार को उतारने की योजना बनाई थी। तेजप्रताप की इस जिद के चलते पार्टी के अंदर मतभेद और असंतोष की स्थिति पैदा हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस बात से नाराज हैं कि तेजप्रताप ने बिना पार्टी की सहमति के अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी।
लालू यादव का दखल
पार्टी में तनाव बढ़ता देख लालू प्रसाद यादव ने खुद मोर्चा संभाला और पटना में एक बैठक बुलाई। बैठक में तेजप्रताप यादव के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और महुआ सीट से संभावित अन्य उम्मीदवारों ने भी हिस्सा लिया।
लालू यादव ने अपने बेटे को समझाते हुए कहा:
“पार्टी की एकता और अनुशासन सबसे जरूरी है। चुनावी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।”
लालू यादव ने सभी नेताओं से एकजुट होकर चुनाव लड़ने की अपील की और जल्द ही महुआ सीट पर अंतिम फैसला लेने की बात कही।
महुआ सीट का राजनीतिक महत्व
महुआ विधानसभा सीट तेजप्रताप यादव के राजनीतिक करियर के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। 2015 के विधानसभा चुनाव में तेजप्रताप ने इसी सीट से जीत हासिल की थी, लेकिन 2020 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार वह अपनी पुरानी सीट वापस पाने के लिए जोर दे रहे हैं।
तेजप्रताप की प्रतिक्रिया
तेजप्रताप यादव ने कहा:
“महुआ मेरी कर्मभूमि है। मैं यहां के लोगों के बीच काम करना चाहता हूं और उनके विकास के लिए फिर से चुनाव लड़ूंगा।”
उन्होंने साफ कर दिया कि वह पार्टी के फैसले का सम्मान करेंगे लेकिन अपनी दावेदारी को लेकर आखिरी तक प्रयास करते रहेंगे।
पार्टी में अंदरूनी हलचल
तेजप्रताप की जिद के कारण आरजेडी में विभाजन की स्थिति बनने लगी थी। पार्टी के कुछ नेता मानते हैं कि ऐसे कदम से पार्टी की छवि को नुकसान हो सकता है। वहीं, कुछ कार्यकर्ता तेजप्रताप का समर्थन भी कर रहे हैं।
एक वरिष्ठ नेता ने कहा:
“पार्टी में सामूहिक नेतृत्व की परंपरा है। किसी भी सीट का फैसला संगठन की सहमति से ही होगा।”
लालू यादव का राजनीतिक अनुभव
लालू प्रसाद यादव के कुशल नेतृत्व और राजनीतिक अनुभव के कारण इस तनाव को फिलहाल थाम लिया गया है। लालू ने अपने बेटे को समझाने के साथ ही पार्टी नेताओं को आंतरिक विवादों से दूर रहने की नसीहत दी।
क्या आगे होगा?
आरजेडी की ओर से महुआ सीट पर उम्मीदवार को लेकर जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी। लालू यादव के हस्तक्षेप के बाद माना जा रहा है कि पार्टी में स्थिति सामान्य हो जाएगी और कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव की तैयारी करेंगे।
निष्कर्ष
तेजप्रताप यादव की महुआ सीट से चुनाव लड़ने की जिद ने पार्टी के अंदर कुछ देर के लिए तनाव पैदा कर दिया था, लेकिन लालू प्रसाद यादव के हस्तक्षेप से मामला संभल गया है। अब देखना होगा कि आरजेडी नेतृत्व किस उम्मीदवार को मौका देता है और तेजप्रताप यादव इस फैसले को कैसे स्वीकार करते हैं।
प्रमुख बिंदु:
- तेजप्रताप यादव की महुआ सीट से चुनाव लड़ने की जिद।
- पार्टी नेतृत्व ने अन्य उम्मीदवार को मैदान में उतारने की योजना बनाई थी।
- लालू प्रसाद यादव ने विवाद को सुलझाने के लिए बैठक बुलाई।
- महुआ सीट तेजप्रताप के राजनीतिक करियर के लिए महत्वपूर्ण।

