हिंदू धर्म में नवरात्र के पर्व का विशेष महत्व होता है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र शुरू हो जाते हैं। नवरात्र पर मां देवी दुर्गा का नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि- विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। चैत्र नवरात्र की आज से शुरुआत हो चुकी है।
नवरात्रि के नौ दिनों को बेहद ही पावन माना जाता है। नवरात्रि का पहला दिन और इस दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि सती का अगला जन्म शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में हुआ। उन्हें शैलपुत्री कहा गया। शैलपुत्री का विवाह भी भगवान शंकर से हुआ और वे पुनः उनकी पत्नी बन गईं।
धार्मिक मान्यता है कि माँ दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में स्थिरता आती है, मनोकामनाएं पूरी होती हैं, घर में खुशहाली आती है, जीवन में हर तरह के कष्ट दूर होते हैं। मन और मस्तिष्क का विकास होता है।

