- अमेरिकी विदेश मंत्रालय (State Department) ने एक अंदरूनी निर्देश (cable) जारी किया जिसमें कहा गया कि विदेशी छात्र (F, M और J वीज़ा श्रेणी) के लिए नई वीज़ा इंटरव्यू नियुक्तियों को लड़ाया जाए जब तक कि विस्तारित सोशल मीडिया स्क्रीनिंग के लिए नई गाइडलाइन्स जारी न हो जाएँ ।
- इस कदम का उद्देश्य सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल की सार्वजनिक पहुंच, डिजिटल गतिविधियों की निगरानी, और संभावित “घृणास्पद या असहिष्णु” विचार रखने वालों को चिन्हित करना था ।
📆 प्रक्रिया और आनुवर्ती स्थिति
- May 27 से नए इंटरव्यू शेड्यूल अस्थायी रूप से स्थगित कर दिए गए थे। पहले से शेड्यूल किए गए इंटरव्यू जारी रहे, लेकिन नए स्लॉट नहीं जोड़े गए ।
- June 18, 2025 को फिर से एक निर्देश जारी हुआ—जिसमें इंटरव्यू पुनः शुरू करने की अनुमति दी गई परन्तु अब प्रत्येक वीज़ा आवेदनकर्ता को सोशल मीडिया की विस्तृत जांच से गुजरना होगा।
- इसके तहत उम्मीदवारों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को “public” करना अनिवार्य कर दिया गया ताकि कांसुलर अधिकारी उनका सोशल मीडिया पोर्टफोलियो समीक्षा कर सकें।
🛡️ सुरक्षा एवं प्राथमिकताएँ
- कांसुलर अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे “दुश्मन की मानसिकता” वाले आवेदकों—जैसे अमेरिकी संस्कृति, सरकार या संस्थाओं के विरोधी—को चिन्हित करें ।
- इंटरव्यू स्लॉट्स को सीमित करने के सुझाव भी इस तपशील की बढ़ती प्रक्रिया और संसाधन क्षमता के चलते दिए गए ताकि प्रक्रिया धीमी लेकिन गहराई तक जाए।
- विशेष प्राथमिकता उन छात्रों को दी जाएगी जो ऐसे विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले हैं जहाँ अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या 15% से कम है, या जो चिकित्सा या अन्य विशेष क्षेत्रों में भूमिकाएँ लेने वाले हों ।
🌍 प्रभाव और प्रतिक्रियाएँ
- Universities and colleges पर आर्थिक प्रभाव स्पष्ट हुआ: विशेषकर राज्य-निधि प्राप्त विश्वविद्यालयों को भारी संख्या में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों से होने वाली फीस आय से नुकसान हो सकता है ।
- Indian students समेत वैश्विक छात्रों में भारी चिंता फैल गई—वीज़ा एक्सपायरी, आवेदन स्थगितता, और अकादमिक वर्ष की योजनाओं में असमंजस की स्थिति बनी है ।
⚖️ आलोचना और कानूनी चुनौतियाँ
- न्यायविदों एवं शैक्षणिक संस्थानों ने इस नीति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप, अतिक्रमण और सुरक्षा नाम पर अत्यधिक नियंत्रण बताते हुए आलोचना की है ।
- कुछ छात्र समूहों ने अमेरिकी सरकार पर आधिकारिक पद के विरोधी विचार हेतु छात्रों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जिन्हें सशस्त्र चेतावनी भड़काते हैं ।
📋 सारांश तालिका
| विषय | स्थिति विवरण |
|---|---|
| निर्देश जारी तारीख | 27 मई 2025 (फ्रिज़), 18 जून 2025 (पुनरारंभ) |
| विज़ा श्रेणियाँ | F (अकादमिक), M (व्यावसायिक), J (विनिमय) |
| प्रक्रिया | नई इंटरव्यू नियुक्तियाँ रोकी; सोशल मीडिया जांच अनिवार्य |
| सोशल मीडिया नियम | प्रोफ़ाइल सार्वजनिक; तलाशी में निजी पोस्ट भी शामिल |
| प्राथमिकताएँ | कम अंतर्राष्ट्रीय हिस्सेदारी वाले विश्वविद्यालय, चिकित्सा विद्यार्थियों को प्राथमिकता |
| अंतरराष्ट्रीय छात्र प्रभाव | विलंब, असमंजस, वीज़ा योजनाओं में बाधा |
| विश्वविद्यालयों पर प्रभाव | अंतरराष्ट्रीय फीस में गिरावट, बजट तनाव |
| सामाजिक-नैतिक आलोचना | अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रभाव, राजनीतिक विचारों पर कार्रवाई |
✅ निष्कर्ष
28 मई 2025 तक, ट्रम्प प्रशासन ने विदेशी छात्र वीज़ा इंटरव्यू पर स्थायी रोक लगा दी थी, ताकि सोशल मीडिया स्क्रीनिंग को लागू किया जा सके। बाद में जून में इंटरव्यू फिर शुरू हुए, लेकिन बेहद सख्त डिजिटल जांच के साथ। इस नीति ने वैश्विक छात्र समुदाय, अमेरिकी विश्वविद्यालय शुल्क आर्थिक मॉडल, और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस को नए सिरे से जोर दिया है।

