उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों को सम्मानित करते हुए कहा कि लोक कला और लोक संस्कृति ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और लोक कलाकार इस विविधता को जीवंत रूप देते हैं।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों की लोक नृत्य, लोक संगीत और पारंपरिक कला पद्धतियां न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, बल्कि राष्ट्रीय एकता को भी सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कलाकारों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कला साधना नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रही है।योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लोक कलाकारों के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ऐसे आयोजनों से राज्यों के बीच सांस्कृतिक संवाद बढ़ता है और ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना साकार होती है।कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोक कला भारत की आत्मा है और इसे संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों की संस्कृति को जोड़कर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।
प्रश्न 2: लोक कलाकारों का सम्मान क्यों जरूरी है?
उत्तर: लोक कलाकार हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं और नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं।
प्रश्न 3: उत्तर प्रदेश सरकार लोक कलाकारों के लिए क्या कर रही है?
उत्तर: सरकार विभिन्न योजनाओं और आयोजनों के माध्यम से लोक कलाकारों को प्रोत्साहन दे रही है।
प्रश्न 4: ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से आम लोगों को क्या लाभ मिलता है?
उत्तर: ऐसे आयोजनों से लोगों को विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति, परंपराओं और कला रूपों को समझने का अवसर मिलता है, जिससे सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ती है और राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत होती है।

