वॉशिंगटन: अमेरिका के केंद्रीय बैंक (US Fed) ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों को 3.5 से 3.75 प्रतिशत के दायरे में यथावत रखने का फैसला किया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था में नौकरी सृजन की रफ्तार धीमी बनी हुई है और महंगाई अब भी तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।नीतिगत बयान में US Fed ने कहा कि हाल के महीनों में रोजगार बाजार में नरमी के संकेत मिले हैं। नई नौकरियों की संख्या उम्मीद से कम रही है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को लेकर सतर्कता बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर, महंगाई दर में कुछ नरमी के बावजूद यह अब भी केंद्रीय बैंक के दीर्घकालिक लक्ष्य से काफी ऊपर है।विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला संतुलन साधने की कोशिश है। US Fed एक तरफ महंगाई को काबू में रखना चाहता है, वहीं दूसरी तरफ आर्थिक विकास और रोजगार पर ज्यादा दबाव डालने से बचना भी उसकी प्राथमिकता है। इसी कारण फिलहाल दरों में न तो बढ़ोतरी की गई और न ही कटौती।बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में महंगाई और रोजगार के आंकड़े ही यह तय करेंगे कि आगे ब्याज दरों की दिशा क्या होगी।अर्थशास्त्रियों ने कहा कि यदि महंगाई में अपेक्षित गिरावट नहीं आती, तो US Fed भविष्य में सख्त रुख अपना सकता है।कुल मिलाकर, मौजूदा फैसला यह संकेत देता है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और डेटा आधारित निर्णय लेने की रणनीति पर कायम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: US Fed ने ब्याज दरें क्यों नहीं बदलीं?
उत्तर: कम नौकरी वृद्धि और ऊंची महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए।
प्रश्न 2: मौजूदा ब्याज दर कितनी है?
उत्तर: 3.5 से 3.75 प्रतिशत के दायरे में।
प्रश्न 3: आगे ब्याज दरों में बदलाव संभव है?
उत्तर: हां, यह आने वाले महंगाई और रोजगार आंकड़ों पर निर्भर करेगा।

