न्यू जर्सी निवासी हादी मतर (Hadi Matar) को 16 मई को दोहरे दर्जे की हत्या के प्रयास (attempted second‑degree murder) के आरोप में 25 साल जेल की सजा सुनाई गई, जो इस मामले में अधिकतम संभव सज़ा है
📆 घटना का विवरण
- 12 अगस्त 2022 को, रुश्दी न्यूयॉर्क के चॉटाक्वा इंस्टीट्यूशन के मंच पर एक सार्वजनिक व्याख्यान देने जा रहे थे, तभी मतर ने उन पर हमला कर दिया ।
- हमले में रुश्दी को आँख, गर्दन, पेट, हाथ में गहरे हालात वाले घाव आए – एक आँख की रोशनी चली गई और आंतरिक अंगों को भारी चोटें आईं ।
👨⚖️ मुकदमे की प्रक्रिया
- हादी मतर पर फरवरी 2025 में मुकदमा शुरू हुआ; उन्होंने हत्या के प्रयास व हमले के जुर्म में दोषी पाए गए ।
- न्यायाधीश ने कहा कि वह “पूर्व-निर्धारित” (premeditated) कार्य था, अत: अधिकतम सज़ा दी गई ।
- साथ ही, दूसरा दोष “दोहरे दर्जे का हमला” (assault) का था, जिसमें अतिरिक्त 7 साल की सज़ा दी गई जो पहली सज़ा के साथ ही गणना करेगी ।
🧠 रुश्दी की प्रतिक्रिया
- रुश्दी अदालत में उपस्थित नहीं थे लेकिन एक लिखित भावनात्मक बयान जमा कराया, जिसमें उन्होंने घटना से हुए व्यक्तिगत आघात और भविष्य की चिंताओं का ज़िक्र किया ।
- उन्हें राहत है कि दोषी को अधिकतम सज़ा दी गई और इस फ़ैसले से “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले” को सज़ा मिलने का स्पष्ट संदेश जाएगा ।
🌍 तात्कालिक और व्यापक प्रभाव
- अमेरिकी न्यायिक प्रणाली ने इसे आतंकवादी कार्रवाई भी माना, क्योंकि मतर पर आरोप हैं कि उन्होंने कुख्यात फ़तवे के तहत हिंसा को अंजाम दिया ।
- इसके पश्चात रुश्दी ने सार्वजनिक उपस्थिति बढ़ाई तथा इसी घटना पर आधारित अपनी पुस्तक “Knife: Meditations After an Attempted Murder” प्रकाशित की ।
- संयुक्त राष्ट्र, PEN अमेरिका समेत विश्वभर के साहित्यिक समुदाय ने इस सज़ा का स्वागत करते हुए मतदाता की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आज़ादी की तरफ़ संकेत किया।
📝 निष्कर्ष
हादी मतर को 25 साल जेल की सज़ा सुनाना सज़ा-व्यवस्था द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करने वालों को कड़ी चेतावनी है। सलमान रुश्दी की लड़ाई अब भी जारी है—स्वास्थ्य ठीक हो रहा है, और वे लेखन एवं खानाबदोश ज़ैन-वकीलों की आवाज़ बनकर उभर रहे हैं।
🚨 कीवर्ड सारांश:
- आत्मरक्षा व मानवाधिकार: सज़ा से ये स्पष्ट होता है कि किसी भी व्यक्ति पर हमला सांकेतिक अपराध नहीं, अपराध है।
- साहित्यिक सामर्थ्य: रुश्दी का उपचार और जीवन की वापसी अभिव्यक्ति की ताकत की जीत दर्शाता है।
- वैश्विक चिंता: लेखकों की सुरक्षा, विशेषकर संगठित धमाकों से चेतावनी का विषय बनी हुई है।

