ताजी रोटी ही नहीं बल्कि बासी रोटी भी है गुणों का खजाना, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

ताजी रोटी ही नहीं बल्कि बासी रोटी भी है गुणों का खजाना, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट


हर भारतीय घर में रोटी और चावल मेन मील में जरूर शामिल होते हैं। इंडियन थाली बिना रोटी और चावल के पूरी नहीं होती है। फिर रोटी चाहे गेंहू के आटे की हो या मल्टीग्रेन आटे की। वैसे तो हम सभी के घरों में गर्मागर्म फूली हुई रोटी खाना पसंद किया जाता है। लेकिन कई बार रोटियां बच जाती हैं, जिनकी अन्य कई डिशेज बनाई जाती हैं। वहीं अधिकतर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि बासी रोटी हमारी सेहत को तो नुकसान नहीं पहुंचाती है। या फिर बासी रोटी खाना सेहत के लिए अच्छा होता है। 

बता दें कि बहुत लोग बासी रोटी का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बताते हैं। ऐसे में अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि ताजी या बासी रोटी में सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद क्या है। 

जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

एक्सपर्ट की मानें तो ताजी रोटी की तुलना में बासी रोटी हमारी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होती है। क्योंकि बासी रोटी में गुड बैक्टीरिया अधिक होते हैं। जो हमारी गट हेल्थ के लिए फायदेमंद बन जाती है।

बासी रोटी गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने का काम करती है और इसके सेवन से डाइजेशन में सुधार होता है।

हालांकि बासी रोटी डाइजेशन के लिए काफी खराब मानी जाती है, लेकिन इसका सेवन करना डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए अच्छा होता है।

बासी रोटी खाने से पहले इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि यह ज्यादा बासी न हो। अगर आप 1-2 दिन पुरानी बासी रोटी खाते हैं, तो इससे आपके स्वास्थ्य के नुकसान हो सकता है।

एक्सपर्ट के अनुसार, 10-12 घंटे पहले बनी रोटी का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि

इस रोटी में रेजिस्टेंस स्टार्च बढ़ जाता है और यह हमारी सेहत के लिए अच्छा होता है। 

डायबिटीज होने पर रेजिस्टेंस स्टार्च लाभकारी होता है। ऐसे में ब्लड शुगर लेवल स्पाइक नहीं होता है।

इसके साथ ही बासी रोटी में विटामिन बी 12 की मात्रा अधिक होती है। इसलिए जिन लोगों में बिटामिन बी 12 की कमी है, उन्हें बासी रोटी का सेवन जरूर करना चाहिए।

बासी रोटी के सेवन से वेट लॉस में भी मदद मिलती है।

बहुत सारे लोग बासी रोटी को दही, दूध या घी के साथ खाते हैं। या फिर बासी रोटी से पोहा या अन्य रेसिपी बनाकर खाते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।