उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में 10 नवंबर 2024 को एक ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मोहल्ला मिर्दगान स्थित खलीफा कॉलोनी में मंसूर उर्फ भूरा (60), उनकी पत्नी जुबेदा (57) और उनके पुत्र याकूब (24) के शव उनके घर में खून से लथपथ पाए गए। पुलिस ने इस मामले में याकूब के दोस्त नाजिम को गिरफ्तार किया है, जिसने सोने की लालच में इन हत्याओं को अंजाम दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना का विवरण:
मंसूर कबाड़ी का काम करते थे और अपने परिवार के साथ खलीफा कॉलोनी में रहते थे। 10 नवंबर की सुबह, जब उनके घर का दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोसियों ने खिड़की से झांककर देखा, जहां मंसूर और जुबेदा के खून से सने शव बरामदे में पड़े थे। पुलिस को सूचना देने पर, जांच के दौरान एक कमरे में कपड़ों के नीचे याकूब का शव भी मिला।
पुलिस जांच और खुलासा:
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच शुरू की। जांच में पता चला कि याकूब और उसका दोस्त नाजिम 9 नवंबर की रात एक फंक्शन में डांस कर रहे थे, जहां नशे की हालत में याकूब ने नाजिम को बताया कि उसके पास चोरी का बहुत सारा सोना है। इस जानकारी से लालच में आकर नाजिम ने याकूब के घर जाकर पहले जुबेदा और मंसूर की हत्या की, फिर सोना खोजने के प्रयास में याकूब की भी हत्या कर दी।
आरोपी की गिरफ्तारी:
पुलिस ने नाजिम को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू, पेचकस और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि नाजिम ने सोने की लालच में इन हत्याओं को अंजाम दिया, लेकिन उसे कोई सोना नहीं मिला।
सुरक्षा और सावधानियां:
इस घटना ने समाज में सुरक्षा और विश्वास के महत्व को रेखांकित किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास के संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी असामान्य घटना की तुरंत सूचना दें। साथ ही, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

