महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, 288 में से 234 सीटों पर कब्जा जमाते हुए विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) को करारी शिकस्त दी है
चुनाव परिणाम का विस्तृत विवरण:
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा): 149 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 132 सीटों पर विजय प्राप्त की, जो पार्टी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
- शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट): 81 सीटों पर चुनाव लड़कर 57 सीटों पर जीत हासिल की।
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट): 59 सीटों में से 41 सीटों पर विजय प्राप्त की।
विपक्ष की स्थिति:
- महा विकास आघाड़ी (एमवीए): कुल 49 सीटों पर सिमट गई, जिसमें कांग्रेस ने 16, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने 20, और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने 10 सीटें जीतीं।
महायुति की जीत के प्रमुख कारण:
- लाडकी बहना योजना: महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली इस योजना ने महिला मतदाताओं को महायुति के पक्ष में आकर्षित किया।
- हिंदुत्व का मुद्दा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रचारित ‘बटेंगे तो कटेंगे’ और ‘एक हैं तो सेफ हैं’ जैसे नारों ने हिंदू मतदाताओं को एकजुट किया।
- जातीय समीकरणों का प्रबंधन: ओबीसी, दलित, और मराठा समुदायों के बीच संतुलन बनाकर महायुति ने व्यापक समर्थन हासिल किया।
- विपक्ष की आंतरिक कलह: एमवीए के घटक दलों के बीच समन्वय की कमी और नेतृत्व के मुद्दों ने महायुति को लाभ पहुंचाया।
- किसान केंद्रित नीतियां: कृषि क्षेत्र के लिए लाभकारी योजनाओं ने ग्रामीण मतदाताओं का समर्थन सुनिश्चित किया।
नेतृत्व और भविष्य की दिशा:
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस जीत को महायुति की एकता और जनता के विश्वास का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा, “मैं चीफ मिनिस्टर नहीं, कॉमन मैन हूं… यह महायुति की जीत है।”
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की रणनीतिक नेतृत्व क्षमता की तुलना समर्थकों ने नाना फडणवीस से की है, जो मराठा साम्राज्य के प्रमुख प्रशासक थे
निष्कर्ष:
महाराष्ट्र में महायुति की इस प्रचंड जीत ने राज्य की राजनीतिक दिशा को नया मोड़ दिया है, जिससे भाजपा और उसके सहयोगी दलों की स्थिति और मजबूत हुई है। यह परिणाम आगामी नीतियों और विकास योजनाओं के लिए एक नई दिशा निर्धारित करेगा।

