अगस्त में देश का व्यापार घाटा ₹2.48 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो चिंता का विषय बना हुआ है। इस महीने में भारत का निर्यात (एक्सपोर्ट) 9.3% की गिरावट के साथ ₹2.90 लाख करोड़ रहा, जबकि आयात (इंपोर्ट) में 3.3% की वृद्धि दर्ज की गई। आयात का कुल मूल्य इस अवधि में बढ़कर ₹5.38 लाख करोड़ हो गया, जिससे व्यापार घाटा और बढ़ गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विशेषज्ञों के अनुसार, निर्यात में गिरावट का कारण वैश्विक मांग में कमी और प्रमुख बाजारों में आर्थिक सुस्ती है। वहीं, आयात में वृद्धि मुख्य रूप से ऊर्जा और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ी हुई मांग के कारण हुई है।
सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाने का संकेत दिया है, ताकि व्यापार संतुलन सुधारा जा सके। हालांकि, यह व्यापार घाटा भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, खासकर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच।

