दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में इसमें मामूली सुधार देखा गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 25 अक्टूबर 2024 को सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 281 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वायु गुणवत्ता श्रेणियाँ:
- अच्छा (0-50): स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा नहीं।
- संतोषजनक (51-100): संवेदनशील लोगों को मामूली असुविधा हो सकती है।
- मध्यम (101-200): अस्थमा जैसी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को परेशानी हो सकती है।
- खराब (201-300): स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
- बहुत खराब (301-400): स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों पर।
- गंभीर (401-500): सभी के लिए स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति।
सुधार के कारण:
विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की दिशा और गति में बदलाव के कारण प्रदूषकों का फैलाव बेहतर हुआ है, जिससे AQI में सुधार देखा गया है। हालांकि, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण अगले कुछ दिनों में प्रदूषण स्तर में फिर से वृद्धि की संभावना है।
सरकारी प्रयास:
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-II को लागू किया है, जिसके तहत निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, सड़कों पर पानी का छिड़काव, और वाहनों की पार्किंग फीस में वृद्धि जैसे उपाय शामिल हैं।
नागरिकों के लिए सुझाव:
- स्वास्थ्य: संवेदनशील समूहों को बाहर निकलने से बचना चाहिए।
- मास्क का उपयोग: बाहर जाते समय मास्क पहनें।
- वाहनों का कम उपयोग: सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें।
- घर के अंदर रहें: जब तक आवश्यक न हो, बाहर निकलने से बचें।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार और नागरिकों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है, ताकि सभी के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

