प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच घनिष्ठ संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध केवल आर्थिक हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी ये संबंध बेहद मजबूत हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और यूएई के बीच सहयोग और साझेदारी का दायरा काफी व्यापक है। हमने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, और तकनीकी क्षेत्रों में मजबूत प्रगति की है। हमारा उद्देश्य इस संबंध को और भी ऊंचाइयों तक ले जाना है।” उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि ने आपसी विश्वास और सहयोग को और गहरा किया है।
मोदी ने यूएई को भारत के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच की साझेदारी न केवल आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करती है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता में भी योगदान करती है। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात की ओर से भारत में निवेश को लेकर आभार व्यक्त किया और कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों की जनता के लिए समृद्धि और विकास के नए अवसर प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और यूएई के बीच सहयोग को और गहरा करने के लिए नई पहलें और रणनीतियां अपनाई जाएंगी। साथ ही, उन्होंने प्रतिनिधिमंडल स्तर पर हो रही इस वार्ता को दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस वार्ता में आतंकवाद, ऊर्जा सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई, जिनसे भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों में और विस्तार की संभावना है।

