बिहार में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिससे राज्य के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ बढ़ गई हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डेंगू के मामलों में वृद्धि: हाल के दिनों में बिहार में डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। 24 अक्टूबर 2022 तक, राज्य में डेंगू के कुल 7,871 मामले सामने आए थे, जिनमें से 90% मामले सितंबर से अक्टूबर के बीच दर्ज किए गए। पटना जिले में सबसे अधिक 6,120 मामले पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया: बढ़ते मामलों को देखते हुए, बिहार स्वास्थ्य समिति के कार्यकारी निदेशक संजय सिंह ने बताया कि राज्य में डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। साथ ही, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने राज्य सरकार पर डेंगू से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
पटना में स्थिति गंभीर: पटना में डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। 2 सितंबर 2024 तक, पटना में डेंगू के 296 मामले दर्ज किए गए थे। शहर के कंकड़बाग, बांकीपुर, नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, अजीमाबाद, खुशरूपुर, पटना सदर और संपतचक जैसे इलाकों में डेंगू के मामले अधिक पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह: स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मच्छरों से बचाव के लिए पूरी सावधानी बरतें। पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें, और घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
निष्कर्ष: बिहार में डेंगू का प्रकोप चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए कदमों के बावजूद, मामलों में वृद्धि हो रही है। जनता को सतर्क रहने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।

