मध्य प्रदेश की जबलपुर हाई कोर्ट में राज्य शासन की ओर से अभिवचन दिया गया कि नीट पीजी-2024 की एनआरआई रिक्त सीटें मापअप राउंड में सामान्य वर्ग से भरी जाएंगी। राज्य शासन का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता जान्हवी पंडित ने बताया कि ये सीटें योग्यता सह चयन के माध्यम से भरी जाएंगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हाई कोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने इस जानकारी को अभिलेख पर लेकर स्पष्ट किया अब इस मामले में राज्य सरकार पर उसका अभिवचन बाध्यकारी है। इन शब्दों पर गौर करने के साथ ही याचिकाकर्ता की ओर से याचिका वापस लेने का निवेदन किया गया, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार करते हुए मामले का पटाक्षेप कर दिया।
याचिकाकर्ता भोपाल निवासी डॉ. ख्याति शेखर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने नीट पीजी परीक्षा में स्टेट रैंक हासिल की है। एनआरआई में फर्जी अभ्यर्थियों की भर्ती के कारण इस कोटे की 48 सीटें ब्लॉक कर दी गई हैं। मेरिट में आए विद्यार्थी ये सीटें लेने को तैयार हैं, लेकिन इन सीटों को काउंसलिंग में शामिल नहीं किया जा रहा है। ये सीटें बेकार हो जाएंगी। दूसरे राउंड की काउंसलिंग दो फरवरी तक है।

