सरकार ने बताया कि भूकंप के खतरे को कम करने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई गई है। राज्यसभा में आज अनुपूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जिंतेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने पूर्व चेतावनी प्रणाली के साथ हिमालय और अन्य जगहों पर वेधशालाएं स्थापित की हैं। इसके अतिरिक्त आपदा प्रतिक्रिया प्रशिक्षण, जागरुकता कार्यक्रम और मॉक अभ्यास आयोजित करना जारी रखा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सरकार ने समय-समय पर दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहें।
श्री सिंह ने यह भी कहा कि भूकंप का पूर्वानुमान हमेशा संभव नहीं होता है, फिर भी सरकार जोखिम को कम करने के लिए तकनीकी और अन्य साधनों का उपयोग कर रही है।

