जमशेदपुर/पूर्वी सिंहभूम आदिवासी समाज के लोगों ने मंगलवार को अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मां मंगला देवी की पूजा-अर्चना की। यह आयोजन पूरे शहर में धार्मिक आस्था और उत्साह का केंद्र बना रहा। भुईंयाडीह ,भालूबासा, लक्ष्मी नगर, बर्मामाइन्स और बारीडीह जैसे क्षेत्रों की सैकड़ो महिलाओं ने भुईंयाडीह नदी घाट पर पवित्र स्नान किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इसके बाद कलश में जल भरकर मंगला पूजा स्थल की ओर बढ़ीं। पूजा स्थल पर देवी मां मंगला की विशेष पूजा-अर्चना की गई। नदी घाट से लेकर आसपास की बस्तियां तक देवी मां की जयकारे गूंजती रही। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में कलश यात्रा में सम्मिलित हुई और पूरे आयोजन को उत्सव में परिवर्तित कर दिया।
किन्नर कालका नंद गिरी उर्फ़ रोजी मां ने बताया कि इस व्रत को करने से परिवार में सुख-समृद्धि और शांति आती है। जीवन के सभी कष्ट समाप्त हो जाता है। सभी लोग अपने कष्टों के निवारण के लिए माता से प्रार्थना करते हैं। उन्होंने बताया कि वे पिछले 35 वर्षों से मां मंगला देवी की पूजा करते आ रही हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना के रूप में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आदिवासी समाज में मंगला देवी की पूजा वर्षों से चली आ रही है।