📌 पृष्ठभूमि और समय
10 मई को लागू हुए सीजफायर के बावजूद, 12 मई की देर रात पाकिस्तान की ओर से जम्मू संभाग के सांबा, अखनूर, कठुआ, तथा पंजाब में जालंधर और राजस्थान के विभिन्न जिलों में ड्रोन देखे गए। इन्हें भारतीय वायु एवं थल सुरक्षा बलों ने सक्रिय रूप से रोका और इंटरसेप्ट किया।
🌌 दृश्य एवं आकाश में हलचल
स्थानीय लोगों ने आकाश में लाल-पीले रॉकेट जैसे प्रकाश और प्रजा मल्टिपल धमाकों की आवाज सुनी। रक्षा संयंत्रों ने ड्रोन के ज़रिए सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतरित करते हुए उसके जवाब में एयर डिफेंस सक्रिय की।
🔦 बिजली बंदी — क्यूँ और कहाँ?
सुरक्षा कारणों से सीमा से सटे कई शहरों में बिजली संचार-रहित या अंश में बंद कर दी गई, ताकि ड्रोन की पहचान और एयर डिफेंस प्रणाली की दृष्टि नहीं बाधित हो। जिनमें प्रमुख हैं:
- जम्मू संभाग (सांबा एरिया)
- पंजाब: जालंधर, अमृतसर, होशियारपुर सहित अन्य जिलों
- राजस्थान: झुंझुनू, बारमेर, जैसलमेर, ढांचों में सफ़ाई रहा
🛬 नागरिक जीवन पर असर
- अमृतसर एयरपोर्ट पर एक दिल्ली–अमृतसर इंडिगो फ्लाइट को बिजली कटौती के कारण रात में वापस दिल्ली लौटना पड़ा।
- स्कूलों में क्लासेज़ रद्द या ऑनलाइन कर दी गईं, क्योंकि सुरक्षा इंतज़ामों के तहत जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
📣 प्रशासन व सेना की प्रतिक्रिया
- सेना ने प्रेस के माध्यम से कहा है कि कुछ संशयास्पद ड्रोन एरिया में देखे गए और इन्हें तुरंत निस्तारित करने की कार्रवाई की गई, परन्तु उन्होंने लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं होने की सलाह दी।
- अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि सीजफायर बरकरार है, और हाल की घटनाओं में कोई बड़ी उथल-पुथल नहीं हुई।
🔍 निष्कर्ष
- सीजफायर लागू होने के बावजूद पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन हमलों की कोशिश हुई, जिसे भारतीय सुरक्षा बलों ने प्रभावी रूप से नाकाम किया।
- बिजली कटौती की गई सुरक्षा कारणों से, ताकि ड्रोन का पता लगाना व इंटरसेप्शन सुरक्षित तरीके से संभव हो सके।
- नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है, पर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
- सीजफायर अभी भी प्रभावी हैं, और यह घटनाएं दोनों देशों द्वारा तल्खी कम करने की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं कर रही हैं।

